परसपानी व तेलोलिया में भूमि अधिग्रहण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आये दिन लोगों का विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिल रहा है. इसी मुद्दे पर बुधवार को झामुमो कार्यकर्ताओं ने गोड्डा के समाहरणालय के समक्ष धरना दिया.
गोड्डा : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को समाहरणालय के समक्ष झामुमो कार्यकर्ताआें ने अडाणी के भूमि अधिग्रहण के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. जिलाध्यक्ष राजेश मंडल के नेतृत्व में धरना दिया गया. जिसमें मुख्य तौर पर परसपानी के रैयतों के अलावा झामुमो कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. दिन भर चले धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं व कार्यकर्ताओं के अलावा रैयतों ने खुले मंच से अडाणी कंपनी के भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध किया.
जिलाध्यक्ष श्री मंडल ने बताया कि नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को प्रेषित किया गया है. इसमें परसपानी व तेलोलिया अडाणी द्वारा पावर प्लांट परियोजना सरकार द्वारा लगाये जाने की स्वीकृति के विरोध में महाधरना कार्यक्रम किया गया. भूमि अधिग्रहण के नाम पर रैयतों को बहुत कम राशि देने की बात कही जा रही है.
रैयतों का कहना है कि जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे. कहा कि जीतपुर कोल ब्लॉक अडाणी द्वारा अधिग्रहण करने में मुहावजा राशि मात्र 13 लाख रुपये प्रति एकड़ दिया गया. जो सरासर बइमानी है. इस राशि को उच्च दर पर देेने की मांग की गयी. इसके अलावा महगामा के भांजपुर की प्रेमी युगल के आत्महत्या की सीबीआइ जांच कराने,
वृद्धा पेंशन, इंदिरा आवास का लाभ जांच कर सही लाभुकों को देने, हर गांव में शौचालय देने, हर खेत में किसानों को सिंचाई सुविधा देने, संताल परगना कस्तकारी अधिनियम सख्ती से लागू करने, भ्रष्टाचार मुक्त शासन व पेयजल एवं उचित चिकित्सा की सुविधा देने की मांग की गयी. इस दौरान जिप सदस्य सुरेंद्र मोहन केसरी, झामुमो नेता सुबल मंडल, संजीव कुमार मिर्धा, ईश्वर हेंब्रम, निरंजन रमानी, अयोध्या रविदास सहित दर्जनों रैयत व कार्यकर्ता उपस्थित थे.
