महगामा/बोआरीजोर : राजमहल परियोजना इसीएल स्थित सिदो कान्हू सरस्वती शिशु मंदिर में प्रदेश स्तरीय प्राचार्यों के सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इसीएल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के भवन के विकास में सहयोग करे.
सरकार की ओर से मुख्य रूप से कस्तूरबा के बच्चों के बीच टैब के वितरण के बाद आंगनबाडी केंद्र की पर्यवेक्षिकाओं के बीच लैपटाप बांटेगी. उन्हाेंने कहा कि राज्य में शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिये राज्य एवं केंद्र के शिक्षा मंत्री के साथ प्रधानमंत्री ने बैठक कर आवश्यक टिप्स दिये हैं. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार तत्पर है.
अपने एक घंटे के संबोधन में उन्होंने शिक्षा के विकास पर विशेष बातें रखी. श्री दास ने कहा कि कहा कि विरोधियों ने बाजपेयी सरकार के कार्यकाल में दुष्प्रचार करने का काम किया था. शिक्षा का भगवाकरण किया जा रहा है. मगर सरकार का लक्ष्य शिक्षा की स्थिति में सुधार करने को लेकर थी.
सरकार चाहती है नौ वीं तथा 10 वीं कक्षा के छात्रों को विशेष रूप से ट्रेंड किया जाये ताकि तकनीकी जानकारी से अवगत हो पाये. प्रदेश सचिव मुकेश नंदन ने कहा नवोदय की तरह सरस्वती शिशु मंदिर का विकास हो. इस दौरान प्रांतीय सम्मेलन में आये प्रदेश सचिव मुकेश नंदन ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखते हुए कहा कि राज्य में सरस्वती शिशु मंदिर बेहतर शिक्षा देने का काम कर रहा है.
विद्यालय का और बेहतर विकास हो इसके लिए नवोदय विद्यालय की तरह इस विद्यालय को भी सहयोग मिले. इस दौरान विद्यालय सचिव प्रदीप कुमार तिवारी, क्षेत्रिय सचिव दिलीप कुमार झा, ने भी अपनी बांतों को रखा. कार्यक्रम के दौरान धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय प्राचार्य संतोष कुमार तिवारी द्वारा दी गयी.
जिला अध्यक्ष राजीव मेहता भी मंचासीन थे. कार्यक्रम के समापन के दौरान प्रांतों से आये शिक्षकों को सम्मानित किया गया. सभी शिक्षकों को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया.
नहीं दिखे महगामा व बोरियो विधायक
मुख्यमंत्री के महगामा में आने तथा बोरियाे विधान सभा क्षेत्र में कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के दोनों विधायक नहीं दिखे. बताते चले कि महगामा विधायक अशोक भगत एवं बोरियो विधायक ताला मरांडी इस कार्यक्रम के दौरान कहीं भी नहीं थे. दोनों ही विधायक की अनुपस्थिति को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही है.
मुख्यमंत्री या फिर किसी कबीना मंत्री के आगमन पर पिछले दिनों दोनों विधायक लगातार देखे गये हैं. सूत्रों के अनुसार विधायक को आमंत्रण नहीं दिये जाने की बात बतायी जा रही है. मगर अंदर की कई बातें विशेष इशारा करती है. हालांकि पहले दिन के कार्यक्रम में श्री भगत विद्यालय में उपस्थित थे. मगर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान दोनों नदारद थे.
उपचुनाव में महगामा विधायक पर बड़ी जिम्मेदारी
उपचुनाव को लेकर खासकर महगामा विधायक अशोक भगत पर बड़ी जिम्मेदाररी आनी है. विधायक ताला मरांडी को भी इस महत्वपूर्ण चुनाव में अपनी भूमिका निभानी है.
