परेशानी. एक लाख क्षमता वाली पानी टंकी से 55 हजार गैलन पानी की हो रही आपूर्ति

शहर में गहराया पेयजल संकट, मचा हाहाकार अभी यह हाल है तो मई और जून में क्या होगा?‍ कझिया कूप के सूखने से बढ़ी परेशानी पानी के लिए भटकते दिखे कई मुहल्ले के लोग गोड्डा : शहर में पीने के पानी की व्यवस्था चरमरा गयी है. पहले जहां शहर में पीने के पानी के लिए […]

शहर में गहराया पेयजल संकट, मचा हाहाकार

अभी यह हाल है तो मई और जून में क्या होगा?‍
कझिया कूप के सूखने से बढ़ी परेशानी
पानी के लिए भटकते दिखे कई मुहल्ले के लोग
गोड्डा : शहर में पीने के पानी की व्यवस्था चरमरा गयी है. पहले जहां शहर में पीने के पानी के लिए वाटर सप्लाइ की जाती थी. अब वह व्यवस्था धीरे-धीरे फेल होने के कगार पर है. एक लाख क्षमता वाली पानी टंकी से महज 55 हजार पानी की आपूर्ति शहर में हो रही है.
इससे शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. शहर में गत दो माह से सही ढंग से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. शहर के विशेषकर स्लम इलाकों में तो पानी का और भी बूरा हाल है. शहर के गंगटा मोड़,फसिया डेंगाल,असनबनी, रौशन बाग, रौतार व बढ़ौना आदि मुहल्लों में तो पीने के पानी का हाहाकार मचा है. पानी की जुगाड में लोग जहां-तहां इधर-उधर भटकते देखे गये. कई मुहल्लों के ज्यादातर लोग गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करते है. पीने के पानी के लिए सुबह से ही सड़कों पर बर्तन लेकर खड़े हो जाते है. पर नतीजा शून्य के बराबर साबित होती है.
कमोबेश यही हाल नगर थाना परिसर मे बसे क्वार्टरों का भी है. इनके बसे लोग भी पीने के पानी के लिए सप्लाई वाटर पर आश्रित थे.आपुर्ति नही होने पर अब वे डिब्बाबंद पानी लेने के लिये मजबुर है.हाल यह है कि शहर की आधी आबादी के लिये भी फिलहाल मे पीने के पानी की कोई व्यवस्था नही हो पायी है.
एक लाख की गैलन क्षमता वाला टंकी से नहीं बुझती थी प्यास
पहले की अबादी के अनुरूप बनाया गया एक लाख गैलन क्षमता वाली टंकी अब शहरवासियों के लिए नाकाफी साबित हो रहा है.शहर की आबादी के हिसाब से अब इससे पानी की आपूर्ति नही हो पा रही है.पहले जहां 70 से 75 हजार गैलन पानी से शहर की प्यास बुझती थी. वहीं अब कम से कम एक बार में 1.25 लाख गैलेन पानी की आवश्यकता है, जो पूरा करने मेें विभाग विफल हाल के वर्षों सें ही विफल रहा है.

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