गोड्डा/महगामा : महगामा के पूर्व विधायक राजेश रंजन ने पिछले दिनों कांग्रेस की बैठक में लिये गये निर्णय को पक्षपातपूर्ण बताया. कहा कि पार्टी से निकालने की बात दुखद है. सीबीआइ ने हॉर्स ट्रेडिंग मामले में जो निर्णय है, उससे उनका दोष साबित नहीं होता है.
केवल नाम आने से किसी को पार्टी से नहीं निकाला जा सकता. उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया. वहीं इस मुद्दे पर गोड्डा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिंदु मंडल ने कहा कि राजेश रंजन के ऊपर केवल चाजर्शीट लगने से उनका दोष साबित नहीं होता है.
उन्हें पार्टी से निकालने का निर्णय पूरी तरह से गलत है. राजेश रंजन को पार्टी से निकालने से पहले कांग्रेसियों को चाहिए कि वे भाजपा की केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे सिंध्या आदि पर कार्रवाई कर पार्टी से निकालने की मांग करें. वहीं दिनेश यादव ने भी राजेश रंजन के पार्टी से सदस्यता समाप्त करने के निर्णय को गलत ठहराया है. कहा इस तरह से काम करना किसी भी हालत में ठीक नहीं इस पर विचार किया जाना उचित.
