महगामा : रविवार को स्थानीय उर्जानगर के एक्सपर्ट हॉस्टल में प्रभात परिचर्चा का आयोजन हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता मजदूर नेता रामजी साह ने की. इस दौरान उपस्थित क्षेत्र के बुद्धिजिवियों, समाजसेवियों ने आदिवासियों के अधिकार से संबंधित अपनी बातें रखी.
राज्य की बागडोर ऐसे लोगों के हाथों में है जो आदिवासियों के बारे में नहीं सोचती है. खनिज संपदा से पूर्ण राज्य के आदिवासी दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हैं. बाहरी लोग लूट कर राज्य की खनिज संपदा ले जा रहे हैं. पूर्व की यूपीए सरकार ने तो पेशा के तहत पंचायत चुनाव करा कर लोगों को अधिकार देने का काम किया था. लेकिन 15 वर्षो से राज्य की एनडीए सरकार ने आदिवासियों को अच्छे दिन दिखाने के बजाय उनकी जमीन हड़पने की साजिश कर रही है.
-प्रबोध सोरेन, समाजसेवी
