तस्वीर: 05 से 09 तक प्रतिक्रिया कीनगर प्रतिनिधि, गोड्डाअनुबंध की नौकरी में रहते हुए भी गोड्डा के मोतिया गांव निवासी मनीष चौधरी ने अपनी कार्यशैली की बदौलत केवल स्वास्थ्य कर्मियों के बीच ही नहीं बल्कि अपने मित्रों में भी अपने बेहतर आचरण व व्यवहार के लिए जाना जाता था. मनीष की मौत पर स्वास्थ्य कर्मियों में शोक है. ——————————काफी लंबे समय तक मनीष के साथ काम किया है. मनीष सदर अस्पताल में मरीजों की परेशानियों को दूर करने का काम बहुत ही सहजता से करता था. उसके जाने का दुख है. हमने एक अच्छे मित्र को खो दिया है.- मिलन कुमार नाग, मित्र सह एलटी.—————————-काम सभी करते हैं. मैं भी करता हूं. स्वास्थ्य विभाग से जुड़े रहने से मनीष से जुड़ाव हुआ. मित्रता बढ़ी, दुख-सुख में मनीष ने साथ दिया है. याद बहुत आयेगा. सबका ख्याल रखने वाला मनीष चौधरी. -रवि भूषण प्रसाद, मित्र.—————————-मैंने मनीष के रूप में एक भाई को खो दिया है. उसकी एक-एक बात याद आती है. दुख में रहने के बाद भी अपनी स्वभाव से हंसा कर वह लोगों के दुख हर लेता था. मनीष को नहीं भुलाया जा सकता है.- सविता कुमारी, जीएनएम.—————————–मनीष की मौत पटना अस्पताल के आइसीयू में होना दुखद घटना है. भाई की मौत का सदमा है. संवेदना व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.-पूर्णिमा सिन्हा, जीएनएम.——————————मनीष के साथ काम करने का अच्छा अनुभव रहा है. काम की कितनी भी परेशानी होती थी. वह हंसा कर परेशानी दूर कर देता था. उसे भुलाया नहीं जा सकता है.-संतोष कुमार सुमन, फार्मासिस्ट .
ओके::...याद बहुत आएगा सबका ख्याल रखने वाला मनीष चौधरी
तस्वीर: 05 से 09 तक प्रतिक्रिया कीनगर प्रतिनिधि, गोड्डाअनुबंध की नौकरी में रहते हुए भी गोड्डा के मोतिया गांव निवासी मनीष चौधरी ने अपनी कार्यशैली की बदौलत केवल स्वास्थ्य कर्मियों के बीच ही नहीं बल्कि अपने मित्रों में भी अपने बेहतर आचरण व व्यवहार के लिए जाना जाता था. मनीष की मौत पर स्वास्थ्य कर्मियों […]
