सदोष मानव हत्या कांड, दो को मिली सजागोड्डा कोर्ट . जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय बंशीधर तिवारी की अदालत ने सदोष मानव हत्या के जुर्म में पथरगामा थाना अंतर्गत रजौन के किशोर मरांडी व मोतीलाल मुर्मू क ो 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनायी. मुकदमा विचारण के दरम्यान जेल में बितायी अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है. पथरगामा थाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 66/02 के अनुसार ढीबा बांध गांव के चुनका मरांडी के यहां चार मई 2002 को बरात आई थी. बरात में नाच-गान के दरम्यान हुए विवाद में मारपीट हो गयी. मारपीट में ज्ञानंद बेसरा घायल हो गया. ज्ञानंद बेसरा का इलाज सदर असपताल गोड्डा में हुआ. बेहतर इलाज के लिए भागलपुर ले जाने के क्रम में पंजवारा के नजदीक सात मई 2002 को मृत्यु हो गयी. इसके बाद गंगारामपुर के नेहरू मरांडी द्वारा पथरगामा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. अरोप पत्र दायर होने के बाद मुकदमा सत्रवाद 7/04 में तब्दील हुआ. न्यायालय में कु ल 16 गवाहों की गवाही हुई. अभिलेख में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय द्वारा दोनों को 304 बी भादवि के तहत दोषी पाकर उपरोक्त सजा सुनाई. सजा काटने के लिए निर्णय की मुफ्त प्रति देते हुए दोनों को जेल भेज दिया गया.
10 साल की सश्रम कारावास
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