आसान नहीं सड़क पर सफर

पोड़ैयाहाट : प्रखंड के द्रोपद पंचायत में अब भी विकास की रोशनी नहीं पहुंची है. इस पंचायत में समस्याओं का मकड़जाल है. ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही है. पंचायत में पेयजल की घोर समस्या है. कई गांवों के चापानल खराब पड़े हैं. इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. […]

पोड़ैयाहाट : प्रखंड के द्रोपद पंचायत में अब भी विकास की रोशनी नहीं पहुंची है. इस पंचायत में समस्याओं का मकड़जाल है. ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही है. पंचायत में पेयजल की घोर समस्या है.
कई गांवों के चापानल खराब पड़े हैं. इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं गांवों में अब तक नाली व शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है. इस कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर ही बहता है. इससे जल जमाव की परेशानी ग्रामीणों के समक्ष खड़ी हो जाती है. पंचायत के मुख्य सड़क पर पांच वर्षो से कीचड़ जमा है.
इसी कीचड़मय सड़क पर ग्रामीण आवागमन को विवश हैं. पंचायत के ग्रामीणों को कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है. कई ग्रामीणों को अब तक वृद्धावस्था पेंशन का लाभ भी नहीं मिला है. पंचायत भवन में अब भी प्रज्ञा केंद्र विधिवत रूप से कार्य नहीं कर रहा है. प्रखंड मुख्यालय से ही सभी प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किये जा रहे हैं. द्रोपद पंचायत भवन का अब तक निर्माण नहीं हो पाया है.
वर्तमान समय में अधूरे पंचायत भवन के सामने सेंट्रिंग का सामान पंचायत भवन की शोभा बढ़ा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि जब पंचायत सचिवालय में मुखिया बैठेंगे ही नहीं तो पंचायत के ग्रामीणों की समस्याओं का हल कैसे निकल पायेगा. जानकारी के अनुसार द्रोपद पंचायत अंतर्गत कुल आठ गांव हैं. जिसमें द्रोपद, द्रोपद छोटी टोला, कुरावा, गारीडीह, गढ़ी, पदमपुर, भागा, हरला टीकर शामिल है. गत चुनाव में कुल 100 वोट से राजेंद्र दास को हरा कर रामसुंदर मंडल मुखिया बने.

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