यह विशेष ऑपरेशन ड्रोन की मदद से ट्रैकिंग कर दो दिनों तक लगातार चला. इसमें विशेष ड्राइव टीम, क्यूआरटी वाहन और ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग रहा. इससे जंगल के पास रहने वालों को राहत मिली है.
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग के अनुसार मानव–हाथी द्वंद्व की आशंका को देखते हुए हाथियों को उनके प्राकृतिक कॉरिडोर की ओर सुरक्षित तरीके से ड्राइव किया गया. इस दौरान झुंड को पीरटांड़ के दुधनिया, कठवारा, कुम्हारलालो, नावाडीह, प्रतापपुर, पारसबनी, जंगो, बिशुनपुर, खेताडाबर और अंगिया होते हुए उनके निर्धारित मार्ग तक पहुंचाया गया. ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है. वन क्षेत्र पदाधिकारी एसके रवि ने बताया कि हाल के दिनों में विभिन्न इलाकों में मानव–हाथी द्वंद्व की घटनाएं सामने आयी हैं. इससे बचाव के लिए ग्रामीणों को सतर्क रहने और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है.
