फसल चराने को लेकर हुई मारपीट में चार दोषी करार

गिरिडीह : जिला व अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम विनोद कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को बकरी द्वारा फसल चराने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए मारपीट मामले में चार लोगों को दोषी पाया है. हालांकि अदालत ने चारों को बांड भराकर छोड़ भी दिया है. मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत कोदईया गांव का है. […]

गिरिडीह : जिला व अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम विनोद कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को बकरी द्वारा फसल चराने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए मारपीट मामले में चार लोगों को दोषी पाया है. हालांकि अदालत ने चारों को बांड भराकर छोड़ भी दिया है. मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत कोदईया गांव का है. 23.06.2008 को कोदइया गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी.
घटना के बाद सूचक टहलु महतो ने मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज कराया था. पुलिस को दिये आवेदन में टहलु महतो ने कहा कि शनिचर महतो की बकरी उसके खेत में लगी फसल को खा गयी. जब वह पूछताछ करने के लिए पहुंचा, तब शनिचर महतो, बालेश्वर प्रसाद वर्मा, महेश प्रसाद वर्मा व मनोज प्रसाद वर्मा ने उसे तथा उसकी पतोहू के साथ मारपीट की. घटना के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया.
एसीजेएम की अदालत ने पूर्व में ही चारों को दोषी पाते हुए धारा 323 में छह माह, धारा 325 में तीन साल की सजा सुनायी, जबकि धारा 324 में बालेश्वर महतो को तीन वर्ष की सजा सुनायी. इस सजा के विरुद्ध चारों लोगों ने प्रधान जिला जज की अदालत में अपील संख्या 33/11 के तहत अपील दाखिल की. इसकी सुनवाई जिला व अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम में की. क्रिमिनल अपील संख्या 37/16 में अदालत ने धारा 325, 324 व 342 में सभी को निर्दोष पाकर बरी किया.
aजबकि धारा 323 भादवि में शांति बनाये रखने के लिए सभी को बांड भराकर छोड़ दिया है. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक लुकस मरांडी ने बहस की. जबकि बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता बालगोविंद साहू ने बहस की.

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