राजधनवार : अवधि खत्म हुए आठ माह बीत गया, लेकिन मो. जब्बार को उसके फिक्स डिपॉजिट के पैसे नहीं मिले. वह सात माह से लगातार बैंक ऑफ इंडिया राजधनवार शाखा का चक्कर काट रहा है. अब निराश होकर वह न्यायालय का सहारा लेने की सोच रहा है. मो. जब्बार धनवार थाना अंतर्गत जबदिया घुज्जी का रहने वाला है. बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी के लिए 2009 में बैंक ऑफ इंडिया राजधनवार में 20 हजार रुपये का फिक्स डिपॉजिट कराया था.
इस एवज में उसे अगस्त 2017 में 40 हजार 38 रुपये मिलने थे. बैंक ने बांड पेपर भी निर्गत किया है. मियाद पूरी होने के बाद जब वह अपना पैसा लेने बैंक गया तो पता चला कि उसका फिक्स 2011 में ही टूट गया है और किसी के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी गयी है. उसे आश्वस्त किया गया कि जिसके खाते में पैसा गया है उससे रिकवरी का प्रयास हो रहा है. रिकवरी होते ही उसे पैसा दे दिया जायेगा. पैसा मिलने की उम्मीद में उसने अपनी पुत्री की शादी भी तय कर ली. राशि नहीं मिली तो सूद पर कर्ज लेकर शादी करनी पड़ी. सोमवार को बैंक से निराश लौटने के क्रम में मो. जब्बार ने पैसे की निकासी के लिए न्यायालय जाने की बात कही. इस संबंध में शाखा प्रबंधक प्रणव कुमार ने बताया कि यह गड़बड़ी पूर्व प्रबंधक के कार्यकाल में हुई है. गड़बड़ी सुधारने का प्रयास हो रहा है. शीघ्र ही मो. जब्बार को फिक्स डिपोजिट की राशि भुगतान कर दी जायेगी.
