गुणवत्तापूर्णा शिक्षा देने और बेहतर संसाधन मुहैया कराने को लेकर सरकार निकटतम स्कूलों को मर्ज कर रही है.इसमें वैसे विद्यालय जहां 40 से कम बच्चे हों और जिनकी दूरी एक किलोमीटर से कम है, उन्हें विलय किया जा रहा है. इसका कई जगहों पर विरोध हो रहा है कि नियम को ताक पर रखकर विलय किया जा रहा है. कई इलाकों में ग्रामीण जांच रिपोर्ट को ही गलत ठहरा रहे हैं.
गिरिडीह. पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत बेड़ी नवप्राथमिक विद्यालय व कोयरीटोला कुम्हरलालो उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय को मर्ज किये जाने के विरोध में शनिवार को स्कूली बच्चों व ग्रामीणों ने समाहरणालय में प्रदर्शन कर धरना दिया. इसके पूर्व उन्होंने झंडा मैदान से रैली निकाली. यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए समाहरणालय पहुंची. रैली में शामिल बच्चे अपने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिये हुए थे. बाद में समाहरणालय प्रांगण में आयोयजित धरना में ग्रामीणों ने कहा कि पीरटांड़ के बीइइओ की गलत जांच रिपोर्ट के कारण दोनों स्कूलों को दूसरे विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है. इस कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. बेड़ी व कोयरीटोला उप्रावि के बच्चे की पढ़ाई बाधित हो गयी है. कहा कि अगर विद्यालय मर्जर के प्रस्ताव को रद्द नहीं किया गया तो सात मई को रांची जाकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जायेगा. इसके बाद ग्रामीणों ने डीसी को ज्ञापन भी सौंपा. मौके पर उमाकांत ठाकुर, एतवारी राय, दुलारचंद महतो, पतिराम हेंब्रम, रविलाल हेंब्रम, रोहित ठाकुर, बासुदेव ठाकुर, रिंकी देवी, सूरजी देवी, सुलेखा देवी, रीना देवी, मीना देवी आदि मौजूद थे. जबकि पारा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नारायण महतो, जिला प्रवक्ता मो मुनचुन अंसारी व जिला उप सचिव गीता राज ने भी ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन किया और जमुआ प्रखंड के गोविंदाटांड़, नईटांड़, सलैया, गोसाइडीह, सरिया प्रखंड के सखुआडीह व कारीटांड़, बेंगाबाद प्रखंड के बरमसिया, बगोदर प्रखंड के सरपंचटोला अटका स्कूल को पुन: चालू करने की मांग की.
