गढ़वा के सोनेहारा पंचायत में आवास आवंटन में धांधली का आरोप, जरूरतमंदों को नहीं मिला लाभ

Garhwa News: गढ़वा जिला के डंडई प्रखंड की सोनेहारा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास और अबुआ आवास योजना के लाभुक चयन को लेकर विवाद गहराया है. ग्रामीणों ने अनियमितता, कमीशनखोरी और पात्र गरीबों की अनदेखी कर अपात्र लोगों को लाभ देने का आरोप लगाया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

डंडई से रमेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट 

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना का उद्देश्य हर गरीब को पक्का मकान देना है, लेकिन डंडई प्रखंड की सोनेहारा पंचायत में इसके उलट तस्वीर सामने आ रही है. यहां ग्रामीणों ने आवास आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के हकदार लोगों को नजरअंदाज कर गरीबों की जगह संपन्न और लाभ के हकदार नहीं लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है.

कमीशन के खेल में कटे गरीबों के नाम

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पंचायत के कुछ पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि लाभुकों से ‘कमीशन’ लेकर आवास स्वीकृत कर रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, जिनके पास पहले से पक्का मकान और दोपहिया या चारपहिया वाहन हैं, उन्हें आवास आवंटित कर दिया गया है, जबकि वास्तव में जरूरतमंद परिवार आज भी जर्जर कच्चे और खपरैल मकानों में रहने को मजबूर हैं. स्थानीय ग्रामीण उपेन्द्र कुमार रवि ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बताया कि आवास सूची में उनका नाम शामिल था और जियो टैगिंग की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी. बावजूद इसके, रिश्वत की मांग पूरी नहीं करने के कारण उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस लाभुक को पहले प्रधानमंत्री आवास मिला था, उसे ही नियम विरुद्ध तरीके से अबुआ आवास का लाभ भी दे दिया गया है.

आंकड़ों में पंचायत की स्थिति

  • कुल जनसंख्या:- लगभग 15 हजार से अधिक.
  • कच्चे मकान:- करीब 75 प्रतिशत घरों की स्थिति कच्ची.
  • वर्ष 2024-25 के निर्माणाधीन आवास:- 58 अबुआ आवास, 14 पीएम जनमन आवास और 50 प्रधानमंत्री आवास.

ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे 15 हजार की आबादी वाली इस पंचायत के वास्तविक गरीबों को छत मिल सके.

क्या कहते हैं पदाधिकारी 

प्रखंड विकास पदाधिकारी देवलाल करमाली ने बताया कि इस मामले में अब तक उन्हें कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की ओर से अनियमितता से संबंधित शिकायत मिलती है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है. 

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लेखक के बारे में

By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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