सरकारी दफ्तरों में नहीं लग रहे स्मार्ट मीटर

सरकारी दफ्तरों में नहीं लग रहे स्मार्ट मीटर

पीयूष तिवारी, गढ़वा. सुधार की शुरुआत खुद से होनी चाहिए यह बात शायद बिजली विभाग और सरकारी दफ्तरों पर लागू नहीं होती. गढ़वा जिले में दिसंबर 2024 से स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया था. इसे 27 महीने में सभी चिह्नित स्थानों पर स्मार्ट मीटर लगा दिया जाना है. इसकी शुरूआत बिजली विभाग व सरकारी दफ्तरों से होनी चाहिये थी, लेकिन इसके बजाय आम लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पर ज्यादा फोकस किया गया है. राजस्व देनेवाले सरकारी विभाग नया समाहरणालय, नगर परिषद, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, जिला परिषद, व्यवहार न्यायालय, सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालय आदि विभागों में अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाये गये हैं. इसके अलावा बिजली विभाग के कार्यालय व उनके कर्मियों के सरकारी क्वार्टर में भी अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाया गया है. इधर जिले के जिन लोगों ने अपने-अपने घरों में बिजली का स्मार्ट मीटर लगवाया है, उनका मानना है कि इससे बिजली बिल बढ़ गया है. यह चर्चा फैलने के बाद लोग इसे लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिस कारण स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य मंद पड़ा हुआ है. गढ़वा जिले के विभिन्न शहरी क्षेत्रों के 87313 घरों को चिह्नित किया गया है, जहां स्मार्ट मीटर लगाया जाना है, लेकिन आम लोगों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की वजह से आठ माह में 12931 घरों में ही इसे लगाया जा सका है. स्मार्ट मीटर लगाये जाने का काम टेक्नो एएमजे सॉल्यूशन नामक संस्था द्वारा किया जा रहा है. विद्युत विभाग के अधिकारियों के सख्त निर्देश लोग स्मार्ट मीटर लगवाने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं. उनका मानना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली बिल में काफी अंतर आ रहा है. बिजली बिल की खपत उतनी ही है, लेकिन बिजली बिल की राशि कई गुणा ज्यादा बढ़ गया है. जिले में 2.45 लाख बिजली के उपभोक्ता गढ़वा जिले में 2,45,218 लोग वैध उपभोक्ता हैं. इनमें से करीब 1.90 लाख लोग 200 यूनिट फ्री बिजली का लाभ उठा रहे हैं. स्मार्ट मीटर लगाने के लिए प्रथम स्टेज में गढ़वा नगर परिषद, मझिआंव नगर पंचायत, श्रीबंशीधर नगर पंचायत सहित सभी प्रखंड मुख्यालयों को चिह्नित किया गया है और वहां के 87313 घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जाना है. बिल बढ़ जाने का लोगों को भ्रम : महेश्वर कुमार कार्यपालक अभियंता महेश्वर कुमार ने बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली बिल बढ़ रहा है. यदि इससे संबंधित किसी प्रकार की परेशानी हो तो वाईएमपीएल यादवपुर मेजरमेंट के कर्मी यहां सुधार के लिए हैं, उनसे संपर्क कर मीटर की जांच करायी जा सकती है. सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगाये जाने पर उन्होंने बताया कि इसके लिये एक कमेटी का गठन किया गया है, जल्द ही सभी विभागों में स्मार्ट मीटर लगा दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के एक हिस्से में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है, मुख्य कार्यालय में भी जल्द लगा लिया जायेगा.

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Published by: Akarsh aniket

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