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अनियमितता के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठी कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं के मामले में लीपापोती कर गये अधिकारी

अनियमितता के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने वाली गढ़वा के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं को नहीं मिला न्याय. अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है. इससे छात्राएं काफी नाराज हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news: अनियमितता के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठी थी गढ़वा के कस्तूरबा गांधी की छात्राएं.
Jharkhand news: अनियमितता के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठी थी गढ़वा के कस्तूरबा गांधी की छात्राएं.
फाइल फोटो.

Jharkhand news: गढ़वा जिला अंतर्गत रमकंडा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में व्याप्त अनियमितता के खिलाफ आक्रोशित छात्राएं इसी सप्ताह जब विद्यालय में ही भूख हड़ताल में बैठी थी. इसके बावजूद अधिकारियों ने अनियमितता के मामलों की जांच करने की बजाय सिर्फ आश्वासन देकर मामले की लीपापोती कर दी.

अनियमितता के खिलाफ छात्राओं ने की शिकायत

जानकारी के अनुसार, कोविड काल के बाद विद्यालय खुलते ही यहां पढ़नेवाली छात्राओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा से वंचित रखा जाने लगा. उन्हें भोजन में महीनों से सिर्फ आलू और सोयाबीन की सब्जी दी जाने लगी. वहीं, स्टेशनरी और दैनिक उपयोग की सामग्री नहीं दी जा रही थी. ऐसे में छात्राओं द्वारा अनियमितता के विषय में बोलने पर विद्यालय प्रबंधन उन्हें विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित करता था. इससे नाराज छात्राओं ने पिछले दिनों दो पन्नों की शिकायत पत्र प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी रहमत अली को सौंपा.

भूख हड़ताल पर बैठी थी छात्राएं

इसके बावजूद जब इस मामले की जांच नहीं हुई, तो पिछले दिनों छात्राएं विद्यालय में ही भूख हड़ताल पर बैठ गयी थी. ऐसे में मामला बढ़ता देख विद्यालय प्रबंधन और अधिकारियों ने अनियमितता की जांच करने की बजाय सिर्फ व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया. लेकिन, अभी तक नियमानुसार व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया है.

विद्यालय में पैसे से मिलता है दैनिक उपयोग की सामग्री

इधर, शिकायत पत्र में छात्राओं ने बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाली सामग्री भी उन्हें विद्यालय में पैसे से दी जाती है. इसके अलावे उन्हें नास्ता तक नहीं मिलता है. वहीं, भोजन में हरी सब्जी के बजाय सिर्फ आलू-सोयाबीन की सब्जी ही मिलती है, जबकि वार्डेन छात्राओं को घर भेजकर खुद के लिए सब्जी मंगाती है. शिकायत पत्र के अनुसार, दो महीनों के अंतराल में स्टेशनरी और दैनिक उपयोग की सामग्री देने के साथ ही अन्य समस्याओं की बात कही है. वहीं विरोध करने पर उन्हें डराने-धमकाने के साथ ही प्रैक्टिकल परीक्षा में कम अंक देने की धमकी दी जाती है.

सामग्री आपूर्ति किये बिना राशि निकाले जाने की आशंका

कस्तूरबा विद्यालय में इस तरह की अनियमितता का मामला सामने आने के बाद दूध, ब्रेड, स्टेशनरी, सब्जी सहित अन्य सामग्रियों में लूट-खसोट की आशंका व्यक्त की जा रही है. बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में पिछले मार्च महीने तक सामग्रियों की आपूर्ति टेंडर सप्लायर को करना था. जबकि विद्यालय में नियुक्त आधा दर्जन सप्लायरों ने नियमानुसार सामग्री की सप्लाई नहीं की है.

बीईईओ ने किये जांच : अध्यक्ष

इस संबंध में पूछे जाने पर विद्यालय के अध्यक्ष मनोज कोरवा ने कहा की अनियमितता को लेकर छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठी थी. शिकायत पत्र के आलोक में बीईईओ ने मामले की जांच की है. जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है.

सामग्रियों की आपूर्ति नहीं कर रहा था सप्लायर: बीईईओ

वहीं, बीईईओ रहमत अली ने कहा की मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने की शिकायत थी. सप्लायरों द्वारा सामग्री आपूर्ति नहीं किये जाने के कारण छात्राओं को परेशानी हो रही थी. मामले की जांच कर वार्डेन को सुधार करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही कहा कि फिलहाल व्यवस्था में सुधार हुआ है. अगर दोबारा शिकायत मिली, तो जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी.

रिपोर्ट : मुकेश तिवारी, रमकंडा, गढ़वा.

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