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गढ़वा के कस्तूरबा विद्यालय में सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी, तत्कालीन ADPO पर दर्ज होगी प्राथमिकी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
कस्तूरबा विद्यालय में सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी. तत्कालीन ADPO के खिलाफ दर्ज होगा मामला.
कस्तूरबा विद्यालय में सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी. तत्कालीन ADPO के खिलाफ दर्ज होगा मामला.
प्रभात खबर.

Jharkhand News, Garhwa News, गढ़वा (पीयूष तिवारी) : गढ़वा जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी को लेकर सर्व शिक्षा अभियान (अब समग्र शिक्षा अभियान) गढ़वा के ADPO (Additional District Program Officer) पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. इसको लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी, गढ़वा सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान, गढ़वा उपेंद्र नारायण ने राज्य परियोजना निदेशक झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को पत्र लिखकर प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी है.

उल्लेखनीय है कि गड़बड़ी से संबंधित यह मामला अभी लोकायुक्त रांची में भी चल रहा है. यहां से प्राप्त निर्देश के आलोक में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय, गढ़वा के सभी कर्मियों के अलावे वैसे कर्मी जो जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक के कार्यालय में पदस्थापित या प्रतिनियुक्त हैं, उनका वेतन भुगतान डीसी राजेश कुमार पाठक ने रोक दिया है.

डीसी की इस कारवाई के बीच वर्तमान DEO उपेंद्र नारायण ने अपने कार्यालय के पत्रांक 210, दिनांक 13 मार्च 2021 के माध्यम से तात्कालीन ADPO प्रकाश कुमार को इस गड़बड़ी का मुख्य जिम्मेवार मानते हुए उनके ऊपर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अनुमति मांगी है. बता दें कि ADPO वर्तमान में सरायकेला- खरसावां जिला में पदस्थापित हैं. उल्लेखनीय है कि गड़बड़ी के इस मामले में पहले से ही गढ़वा जिले के 14 में से 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के वार्डेन एवं 7 लेखा सहायकों का दो-दो इंक्रीमेंट काटने की कार्रवाई की गयी है.

30 लाख रुपये की हुई है गड़बड़ी

वित्तीय वर्ष 2014-15 में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में बिना टेंडर के ही सामग्री की आपूर्ति की गयी थी. कस्तूरबा विद्यालय की तत्कालीन वार्डेन ने बिना टेंडर किये ही खुद से ही आपूर्तिकर्ता का निर्धारण कर सामग्री का क्रय कर लिया था. जिसका तत्कालीन DSE ब्रजमोहन कुमार एवं ADPO प्रकाश कुमार के सहयोग से करीब 30 लाख रुपये की राशि का भुगतान भी आपूर्तिकर्ताओं को कर दिया गया. लेकिन, आपूर्ति से जुड़े कुछ लोगों ने इस गड़बड़ी से राज्य शिक्षा परियोजना परिषद के वरीय अधिकारियों को अवगत कराया तथा बाद में इसे लोकायुक्त में भी दर्ज करा दिया गया.

लोकायुक्त में इससे संबंधित मामला परिवाद संख्या-01/लोक शिक्षा, 02/2017 दर्ज है. लोकायुक्त में हो रही सुनवाई के बीच हाल ही में इससे संबंधित जवाब गढ़वा डीसी से मांगा गया था, लेकिन कई स्मार पत्र के बावजूद कर्मियों ने जवाब नहीं भेजा. इस वजह से डीसी ने सभी कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है.

अनुमति मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जायेगी : DEO

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (District Education Officer) उपेंद्र नारायण ने बताया कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशक को पूरे मामले से अवगत कराते हुए प्राथमिकी के लिए अनुमति मांगी गयी है. उन्होंने कहा कि ADPO की बहाली राज्य परियोजना निर्देशक ही करता है, इसलिए वहीं से इसके लिए अनुमति की मांग की गयी है. अनुमति प्राप्त होते ही प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

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