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गढ़वा के रमकंडा में केंद्र पहुंचने से पहले ही 3000 क्विंटल धान की हो गयी फर्जी खरीदारी, FCI के अधिकारियों व बिचौलियों की मिलीभगत पर पढ़िए ये रिपोर्ट

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
रमकंडा का धान क्रय केंद्र
रमकंडा का धान क्रय केंद्र
फाइल फोटो

Jharkhand News, गढ़वा न्यूज (मुकेश तिवारी) : एक तरफ जहां गढ़वा जिले के रमकंडा स्थित धान क्रय केंद्र में भारतीय खाद्य निगम द्वारा धान खरीदारी के लिये निर्धारित किये गये समय के दौरान बोरी का अभाव में लगातार 32 दिनों तक क्रय केंद्र बंद रहने, केंद्र में गोदाम व जगह के अभाव में रमकंडा के 40 किसान अपना धान नहीं बेंच पाये तो दूसरी तरफ एफसीआई के धान क्रय पदाधिकारी संजय तिग्गा व डिपो प्रभारी धीरेंद्र कुमार के साथ बिचौलियों की मिलीभगत से केंद्र पर धान पहुंचे बिना ही उक्त अधिकारियों द्वारा डंडा और मझिआंव के 20 किसानों से तीन हजार क्विंटल धान की फर्जी तरीके से खरीदारी कर लिये जाने का आरोप है.

इनमें डंडा के 14 किसान व मझिआंव के दो, सरकोनी के एक व गढ़वा के कुड़ी कमता के तीन किसान शामिल हैं. जानकारी के अनुसार रमकंडा प्रखंड मुख्यालय स्थित धान क्रय केंद्र में खरीफ सीजन 2020- 21 में डंडा के 14 किसानों ने धान बेंचने के लिये अपना आईडी गढ़वा क्रय केंद्र से रमकंडा क्रय केंद्र में ट्रांसफर कराया था. इसी तरह मझिआंव के दो किसानों सहित अन्य जगहों के किसान भी रमकंडा केंद्र में अपना आईडी ट्रांसफर कराया था, लेकिन जिले के इन दोनों प्रखंड के उक्त 20 किसानों ने रमकंडा केंद्र में बेंचने के लिये अपना धान नहीं लाया और न ही केंद्र पर भंडरिया प्रखंड को छोड़कर अन्य किसी दूसरे प्रखंडों के एक भी किसान धान नहीं लाये.

इसके बावजूद एफसीआई के अधिकारियों पर इन किसानों के आईडी में धान की खरीदारी कर लिया गया जबकि रमकंडा प्रखंड के सात पंचायतों के 40 किसान धान बेंचने के लिये क्रय केंद्र का चक्कर काटते रहे लेकिन कभी बोरी का अभाव तो कभी निर्धारित किये गये दिन गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार दिन के समाप्त होने का हवाला देकर एफसीआई के अधिकारियों ने रमकंडा के इन किसानों से धान की खरीदारी नहीं की. उन्हें बाद में खरीदारी किये जाने का आश्वासन दिया जाता रहा और अंत में 30 अप्रैल को खरीदारी की तिथि समाप्त होने का हवाला देकर खरीदारी बंद कर दी गयी.

विभागीय आंकड़ों के अनुसार गढ़वा जिले के डंडा प्रखंड के बाबूलाल चौधरी के किसान आईडी 203460090305 में 200 क्विंटल,दीपक विश्वकर्मा के किसान आईडी 203460090340 में 200 क्विंटल, गुलाबी प्रजापति के किसान आईडी 203460001451 में 100 क्विंटल, बृजमोहन प्रसाद के किसान आईडी 203460001456 में 200 क्विंटल, रुखिया देवी के किसान आईडी 203460001465 में दो सौ क्विंटल, अखलेश चौरसिया के किसान आईडी 203460001478 में 93 क्विंटल, विमली देवी के किसान आईडी 203460001480 में 200 क्विंटल, केदार मिस्त्री के किसान आईडी 203460001496 में 200 क्विंटल, कुंवर महतो के किसान आईडी 203460001489 में 200 क्विंटल, मोख्तार अंसारी के किसान आईडी 203460001493 में 100 क्विंटल, उग्रसेन मिस्त्री के किसान आईडी 203460001494 में 200 क्विंटल, ललन गुप्ता के किसान आईडी 203460001419 में 200 क्विंटल व अमर प्रसाद गुप्ता के किसान आईडी 203460001423 में 200 क्विंटल धान की खरीदारी दिखाया गया है.

इसी तरह मझिआंव प्रखंड के रूपलाल साव के किसान आईडी 203460090356 में 100 क्विंटल, गोपीचंद साव के किसान आईडी 203460090354 में 100 क्विंटल के साथ ही कुड़ी कमता के नंदकिशोर पांडेय के किसान आईडी 203460001403 में 100 क्विंटल, सतेंद्रनारायण पांडेय के किसान आईडी 203460091173 में 90 क्विंटल, सरकोनी के दुर्गेश कुमार पांडेय के किसान आईडी 203460090349 में 100 क्विंटल धान की खरीदारी किया जाना विभागीय रिकॉर्ड में दिखाया गया है.

इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी बीडीओ संतोष प्रजापति ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. एफसीआई वाले को बुलाकर मामले की जांच की जायेगी.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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