गढ़वा में पेयजल संकट पर डीसी साहब सख्त, झार जल पोर्टल पर 7 दिनों से अधिक पेंडिंग नहीं रहेगी शिकायत

Garhwa News: गढ़वा में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर डीसी अनन्य मित्तल सख्त नजर आए. झार जल पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी शिकायत सात दिनों से अधिक लंबित नहीं रहे. जिले में अब तक 1540 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: लगातार बढ़ते तापमान के बीच जिले में गहराते पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. आम जनता को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त (डीसी) अनन्य मित्तल ने अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘झार जल पोर्टल’ पर दर्ज शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की.

लंबित शिकायतों पर उपायुक्त चिंतित

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न प्रखंडों में लंबित शिकायतों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि चापाकल, जलमीनार तथा पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए. उपायुक्त ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी शिकायत संबंधित अधिकारी के लॉग-इन में सात दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए. तय समय सीमा के बाद भी मामला लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी.

पोर्टल पर 1540 शिकायतें दर्ज, 339 अभी भी लंबित

बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (गढ़वा) के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि झार जल पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में तेजी लाई गई है. उन्होंने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि 18 मई 2026 तक जिले में चापाकल मरम्मत, लघु व वृहत जलापूर्ति योजनाएं, पाइपलाइन लीकेज, जलापूर्ति बाधित होने, जल गुणवत्ता और स्वच्छता से संबंधित कुल 1540 शिकायतें दर्ज की गई हैं.इनमें से अधिकांश का समाधान कर लिया गया है, जबकि वर्तमान में 339 शिकायतें लंबित हैं.

शिकायतों की क्या है स्थिति

शिकायतों की जो वर्तमान स्थिति हैं उसके अनुसार, कुल दर्ज शिकायतें 1540 हैं, जिसमें बीडीओ लॉग-इन में लंबित 245 हैं. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में लंबित में 94 के साथ साथ निष्पादित शिकायतें की संख्या 1201है. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि उपायुक्त के निर्देशानुसार विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इन बची हुई शिकायतों का भी शीघ्र समाधान कर लिया जाएगा.

शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

उपायुक्त अनन्य मित्तल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि झार जल पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट नियमित रूप से साझा की जाए. इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना तुरंत उपलब्ध कराए गए माध्यमों पर दें, ताकि समय रहते लोगों को राहत पहुंचाई जा सके.

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कहां दर्ज कराएं शिकायत

  • टोल फ्री नंबर: 1800-3456-502
  • व्हाट्सएप नंबर: 9470176901
  • दूसरे माध्यम: ई-मेल तथा ऑनलाइन झार जल पोर्टल

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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