गढ़वा में ‘कॉफी विद एसडीएम’ में शिक्षकों से संवाद, शिक्षा सुधार और समस्याओं पर हुई चर्चा

Garhwa News: गढ़वा में सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ के तहत शिक्षकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ. बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, संसाधनों के बेहतर उपयोग और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के सदर एसडीएम संजय कुमार की अनूठी पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ के तहत साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस बार की बैठक सरकारी स्कूलों के शिक्षक प्रतिनिधियों और विभिन्न शिक्षक संघों के पदाधिकारियों के नाम रही. संवाद का मुख्य केंद्र शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, संसाधनों का बेहतर उपयोग और शिक्षकों की जमीनी समस्याओं का समाधान रहा.

अभिभावकों से अपील: पीटीएम में जरूर आएं

संवाद के दौरान शिक्षकों ने एक सुर में कहा कि बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए अभिभावकों का सक्रिय होना अनिवार्य है. शिक्षकों ने अफसोस जताया कि अक्सर अभिभावक ‘पैरेंट्स-टीचर मीटिंग’  में नहीं आते हैं. एसडीएम के माध्यम से अपील की गई कि अभिभावक लगातार शिक्षकों के संपर्क में रहें, क्योंकि शिक्षक और अभिभावक के साझा प्रयास से ही बच्चे का व्यक्तित्व निखरेगा. एसडीएम संजय कुमार ने सभी प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्याओं का जल्द निपटारा करेंगे. उन्होंने बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव के सुझाव पर भी विचार करने की बात कही. कार्यक्रम के अंत में एसडीएम ने शिक्षकों के योगदान का जिक्र करते हुए सभी को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया. संवाद में सुशील कुमार, प्रभात रंजन सिंह, सुनील दुबे, अरुण दुबे, शिल्पी कुमारी, नागेंद्र चौधरी, चंद्रमौलिश्वर पांडे सहित दर्जनों शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे.

इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा

कार्यक्रम में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, प्रगतिशील शिक्षक संघ सहित कई संगठनों के जिला अध्यक्षों ने अपनी बातें रखीं. शिक्षकों ने बेबाकी से विद्यालय संचालन में आने वाली बाधाओं को साझा किया. 

  • नवाचारी शिक्षा – बच्चों के लिए साल में दो बार शैक्षणिक भ्रमण और सेमिनार आयोजित करने का सुझाव.
  • ड्रॉप आउट और अभिभावक – बच्चों के स्कूल छोड़ने की समस्या और अभिभावकों की उदासीनता पर चिंता.
  • सुरक्षा और माहौल – स्कूलों में अराजक तत्वों और नशेड़ियों के जमावड़े पर कार्रवाई की मांग.
  • बुनियादी सुविधाएं – स्कूलों में शौचालय की सफाई, सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता और ऑनलाइन रिपोर्टिंग की तकनीकी दिक्कतें.
  • प्रशासनिक मांग – वेतन भुगतान और कार्यालयी कार्यों में सुधार के साथ-साथ हर महीने के तीसरे शनिवार को ‘शिक्षक समस्या निवारण शिविर’ लगाने का अनुरोध.

सदर एसडीएम संजय कुमार ने कहा 

शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं हैं, वे हमारी पीढ़ियों का भविष्य गढ़ते हैं और समाज को सही दिशा दिखाते हैं. उनके सुझाव प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.

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By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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