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मजदूरी भुगतान नहीं होने से नाराज मजदूरों ने खान प्रबंधक को घंटों बनाया बंधक, पुलिस ने कराया मुक्त

गढ़वा के भवनाथपुर क्षेत्र में अवस्थित बोकारो स्टील प्लांट के अधीन संचालित तुलसीदामर डोलोमाइट खदान के मजदूरों ने अब तक मजदूरी भुगतान नहीं हाेने के विरोध में खान प्रबंधक बी पाणीग्रहि को घंटों बंधक बनाये रखा. पुलिस के हस्तक्षेप में बाद उसे मुक्त कराया गया.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
Jharkhand news: आक्रोशित मजदूरों ने खान प्रबंधक बी पाणीग्रहि को बनाया बंधक.
Jharkhand news: आक्रोशित मजदूरों ने खान प्रबंधक बी पाणीग्रहि को बनाया बंधक.
प्रभात खबर.

Jharkhand news: बोकारो स्टील प्लांट के अधीन संचालित तुलसीदामर डोलोमाइट खदान के मजदूरों ने आरएलसी की उपस्थिति में सेल प्रबंधन और मजदूरों के साथ भुगतान को लेकर हुए करारनामा फेल होने पर आक्रोशित मजदूरों ने खान प्रबंधक बी पाणीग्रहि को घंटों बंधक बनाये रखा. बंधक बनाने की सूचना मिलने पर नगर उंटारी एसडीपीओ प्रमोद कुमार केसरी, भवनाथपुर पुलिस निरीक्षक चंदन कुमार सिंह, थाना प्रभारी सतीश कुमार महतो, केतार थाना प्रभारी संतोष कुमार रवि सहित भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने खान प्रबंधक को मजदूरों से मुक्त कराया. मजदूरों द्वारा गेट को जाम कर बैठने से महाप्रबंधक मनोज कुमार सहित 10 कर्मचारी भी घंटों प्रशासनिक भवन में फंसे रहे.

क्या है मामला

सेल द्वारा संचालित तुलसीदामर डोलोमाइट खदान 16 फरवरी, 2020 को प्रदूषण सर्टिफिकेट फेल होने के कारण खदान बंद हो गया है. उसके बाद से लेकर मजदूरों ने मजदूरी और खदान खोलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे. इसी के आलोक में गत 29 दिसंबर, 2021 को टाउनशिप स्थित प्रशासनिक भवन में क्षेत्रीय श्रमायुक्त, पटना केसी साहू की उपस्थिति में सेल प्रबंधन, इंटक त्रिपाठी गुट के प्रतिनिधि, मजदूर और एसडीपीओ नगरउंटारी व एसडीओ की उपस्थिति में मजदूरों के भुगतान को लेकर इकरारनामा तय हुआ था.

जिसमें 13 जनवरी, 2022 तक मजदूरों को तोड़े गये पत्थर का 4-4 हजार रुपये का भुगतान करना था. लेकिन, भुगतान नहीं होने पर सोमवार (17 जनवरी, 2022) को सैकड़ों की संख्या में मजदूर प्रशासनिक भवन पहुंच गये और प्रशासनिक भवन के अंदर उपस्थित महाप्रबंधक समेत अन्य अधिकारी को बुलाकर भुगतान नहीं करने के कारण जानना चाहा. इसी बीच खान प्रबंधक भगवान पाणीग्रहि प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर पहुंच गये. मजदूरों ने उन्हें अंदर जाने की बजाये बंधक बना लिया और अपने बीच बैठा दिया.

खान प्रबंधक श्री पाणीग्रहि द्वारा अस्वस्थ होने की बात कहे जाने पर मजदूरों ने कहा वे तभी छोड़ेंगे जब जीएम आकर एकरारनामा फेल होने का कारण बतायेंगे. इसी बीच खान प्रबंधक के बंधक होने की बात आग की तरह फैल गयी. जानकारी मिलते ही नगर उंटारी एसडीपीओ, पुलिस निरीक्षक भवनाथपुर और थाना प्रभारी दल-बल के साथ पहुंचे और मजदूरों द्वारा बंधक बनाये गये खान प्रबंधक को मुक्त कराया.

बंधक बने खान प्रबंधक बी पाणीग्रहि ने कहा कि महाप्रबंधक मनोज कुमार मजदूरों की समस्या को लेकर मुझे बुलाये थे. मैं प्रशासनिक भवन जा ही रहा था कि मजदूरों ने बंधक बना लिया. बता दें कि मजदूरों का भुगतान का इकरारनामा डीएलसी ने रद्द करते हुए यह 31 जनवरी तक भुगतान करने का आदेश दिया है.

इधर, मजूदर खान प्रबंधक को मुक्त करने के बाद प्रशासनिक भवन के गेट पर ही जमे थे और महाप्रबंधक को बुलाने की मांग पर अड़े थे. एसडीपीओ प्रदीप कुमार केसरी की पहल पर महाप्रबंधक मजदूरों के बीच उपस्थित हुए और कहा कि दूसरे यूनियन की शिकायत पर डीएलसी ने 31 जनवरी, 2022 तक फाइनल सेटेलमेंट कर मजदूरों का भुगतान करने का निर्देश दिया है. उनके निर्देश के आलोक में सेल प्रबंधन भुगतान की कार्रवाई में लगी है.

प्रशासनिक भवन के बाहर जमे मजदूरों में रामलखन राम, शंभू पासवान, लल्लू राम ,सुनेश्वर यादव, बाला यादव, बलीराम, नरेश चौधरी, कामेश्वर साह सहित सैकड़ों मजदूरों ने कहा कि हमलोग फाइनल सेटेलमेंट तभी लेंगे, जब भुगतान संबंधी सूची भुगतान से पहले जारी करें.

साथ ही मजदूरों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ यूनियन सेल प्रबंधन के झांसे में आकर डीएलसी से शिकायत की है. पहले इकरारनामा हुआ था कि 13 जनवरी तक पीएफ का पैसा काटकर 4-4 हजार रुपये भुगतान होगा, लेकिन प्रबंधन ने इसे भी रद्द कर दिया है. अब 31 जनवरी, 2022 तक भुगतान करने की बात कही जा रही है, जो सही नहीं है.

Posted By: Samir Ranjan.

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