आबादी 3300, पर एक भी जविप्र की दुकान नहीं

20 वर्ष से तीन किमी दूर स्थित डीलर से राशन लेने पैदल आते हैं ग्रामीण बौलिया गांव में एक जन वितरण प्रणाली की दुकान नहीं डंडई : मुख्यालय से सटा बौलिया गांव में एक भी जन वितरण प्रणाली (जविप्र) की दुकान नहीं होने से ग्रामीणों में काफी रोष है. इस गांव की जनसंख्या करीब 3300 […]

20 वर्ष से तीन किमी दूर स्थित डीलर से राशन लेने पैदल आते हैं ग्रामीण
बौलिया गांव में एक जन वितरण प्रणाली की दुकान नहीं
डंडई : मुख्यालय से सटा बौलिया गांव में एक भी जन वितरण प्रणाली (जविप्र) की दुकान नहीं होने से ग्रामीणों में काफी रोष है. इस गांव की जनसंख्या करीब 3300 है. लगभग 20 वर्ष से लोग तीन किलोमीटर पैदल चल कर राशन लेने डीलर के यहां सोनेहारा पंचायत मुख्यालय जाते हैं.
डीलर के नहीं रहने पर उन्हें कई बार पैदल चक्कर भी काटना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों ने परेशानियों से तंग आकर विभाग को इसके लिए दोषी ठहराते हुए कहा है कि खाद्य आपूर्ति विभाग का ध्यान इस गांव पर नहीं है. ग्रामीण सुरेश साह, अरविंद पासवान, रमेश बैगा, विधा सागर, भीम साव सहित कई लोगों ने बताया कि हमारे गांव में एक काली स्वयं सहायता समूह है, जिसे विभाग ने जविप्र दुकान के लिए दिनांक 26 -08-2016 को लाइसेंस निर्गत किया गया था और राशन उठाव का भी आदेश हुआ था.
लेकिन गांव के लोगों की मजबूरी व परेशानी को नजर अंदाज करते हुए विभाग लोग उक्त समूह को कहते हैं कि आपका समूह का नाम इंटरनेट पर नहीं दिख रहा है. इसलिए राशन नहीं मिलेगा. कई बार समूह के लोग पता करने व राशन उठाव को लेकर विभाग के कार्यालय का चक्कर लगाते रहते हैं. इस संबंध में काली महिला समूह के अध्यक्ष बबिता देवी, सदस्य मीना देवी तथा सरिता देवी सहित कई सदस्यों ने उक्त ग्रामीणों की बातों को सही ठहराया है. साथ ही समूह के लोगों ने इस समस्या को लेकर डीसी से मिलने की भी बात कही है.

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