गढ़वा : सेल आरएमडी की बंद तुलसीदामर डोलोमाइट खदान को चालू कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को खदान के मजदूर समाहरणालय पहुंचे. एटक के जिलाध्यक्ष गणोश सिंह के नेतृत्व में मजदूरों ने उपायुक्त को मांग पत्र देकर उनसे डोलोमाइट खदान को चालू कराने की मांग की. साथ ही इस मामले को लेकर बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन के जोनल सेक्रेटरी प्रदीप कुमार चौबे की ओर से भी मांग पत्र सौंपा गया.
यद्यपि उपायुक्त की अनुपस्थिति में मजदूर अपना मांग पत्र उपायुक्त कार्यालय में देकर वापस हो गये. मांग पत्र में एटक अध्यक्ष ने कहा है कि 40 वर्ष से निर्वाध गति से चल रही तुलसीदामर डोलोमाइट खदान को झारखंड सरकार के आदेश पर सेल आरएमडी द्वारा बिना पूर्व सूचना के 12 सितंबर 2014 से बंद कर दिया गया है. इस खदान में दो हजार मजदूर हैं.
उनकी जीविका खदान के कार्य पर ही निर्भर है. काम बंद होने के कारण मजदूरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. जबकि प्रबंधन एवं सरकार इस मामले में पूरी तरह से खामोश बनी हुए हैं. मजदूरों ने कहा कि खदान बंद होने का कारण लीज नवीनीकरण नहीं होना बताया गया था. लेकिन छह दिसंबर 2014 को आइबीएम द्वारा तुलसीदामर खदान को एनओसी मिल चुका है. श्री सिंह ने कहा कि मजदूरों ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा है कि यदि सेल खदान चालू नहीं की गयी, तो वे खदान में घुस कर हथौड़ा चलाने का काम प्रारंभ कर देंगे. इस दौरान यदि कोई घटना घटती है, उसकी सारी जिम्मेवारी सेल प्रबंधन व झारखंड सरकार की होगी. मांग पत्र लेकर आनेवाले मजदूरों में प्रदीप सिंह, इशहाक अंसारी, भोला पासवान, नरेश बैठा, सहाउद्दीन अंसारी, फूलचंद साह, विंदेश्वर साह, महेंद्र बैठा, सकेंद्र राम, जतन उरांव, मनदीप साव, रामजी बैठा, राजू चंद्रवंशी, हरिहर राम आदि उपस्थित थे.
