भंडरिया : भंडरिया वन क्षेत्र के कई स्थानों में महुआ चुनने वाले ग्रामीणों द्वारा आग लगाने से हजारों पेड़ पौधे जल कर नष्ट हो रहे है़ं वहीं वन विभाग कुंभकर्णी निद्रा में सोयी हुई है़
विदित हो कि गांव के आस-पास के जंगलों में अवस्थित हजारों महुआ के पेड़ का फूल चुनने के लिए ग्रामीणों में होड़ रहती है़ सीजन के दौरान अधिक से अधिक महुआ के पेड़ पर कब्जा व महुआ चुनना उनका एकमात्र उद्देश्य होता है़
इस बीच पत्तियों को जलाने के लिए लोग जहां-तहां आग लगा देते हैं, जिसे बुझाने वाला कोई नहीं होता़ दिन रात जलती हुई आग धीरे-धीरे पूरे जंगल में फैलती जा रही है, जिससे हजारों पेड़ पौधे झुलस कर मरते जा रहे है़ वन विभाग द्वारा कई स्थानों पर पौधरोपण किया हुआ नया पौधा भी इस आग के चपेट में आकर दम तोड़ रही है़
इससे पर्यावरण संरक्षण में खर्च किये गए लाखों रुपये का नुकसान तो होता ही है, केंदू पत्ता जो इस क्षेत्र के गरीब लोगों के आय का मुख्य स्त्रोत है, वह भी जल जाता है़ वन विभाग द्वारा प्रत्येक गांव में देख-रेख व जागरूकता के उद्देश्य से वन समिति का गठन किया जाता है़
किंतु इस आग को काबू में करने के प्रति वे भी उदासीन है़ जल्द ही वन विभाग द्वारा आग बुझाने का कोई व्यवस्था नहीं की गयी, तो सरकार को लाखों रुपये का नुकसान तो होगा ही जीवन दायिनी पेड़ पौधे भी नष्ट हो जायेंगे़
