कस्तूरबा की तीन छात्राओं को वार्डन ने निकाला, परिजनों में आक्रोश

भवनाथपुर: कस्तूरबा विद्यालय खरौंधी की वार्डन लक्ष्मी देवी ने 27 अगस्त को तीन छात्राओं को विद्यालय से निष्कासित कर दिया़ तीनों छात्राएं कोसलीबार की सुरेखा कुमारी कक्षा 9, लालिमा कुमारी कक्षा 7 दोनों पिता राजेंद्र सिंह तथा नीरा कुमारी कक्षा 7 की छात्रा है़ स्कूल से निकाले जाने के बाद छात्राएं देर रात अपने घर […]

भवनाथपुर: कस्तूरबा विद्यालय खरौंधी की वार्डन लक्ष्मी देवी ने 27 अगस्त को तीन छात्राओं को विद्यालय से निष्कासित कर दिया़ तीनों छात्राएं कोसलीबार की सुरेखा कुमारी कक्षा 9, लालिमा कुमारी कक्षा 7 दोनों पिता राजेंद्र सिंह तथा नीरा कुमारी कक्षा 7 की छात्रा है़ स्कूल से निकाले जाने के बाद छात्राएं देर रात अपने घर पहुंची़ इसके बाद उनके परिजनों में आक्रोश व्याप्त हैं.

जानकारी के अनुसार कस्तूरबा विद्यालय खरौंधी की सुरेखा कुमारी, लालिमा कुमारी व नीरा कुमारी 27 अगस्त को अपने भाई के साथ तीन बजे विद्यालय आयीं. वार्डन लक्ष्मी देवी ने छात्राओं को भाइयों के सामने विद्यालय में प्रवेश करा लिया, लेकिन उनके जाने के बाद शाम को विद्यालय से तीनों छात्राओं को यह कहते हुए भगा दिया कि इतने दिनों तक कहां थीं. छात्राओं ने काफी विनती की, लेकिन उन्हें जबरन विद्यालय से निकाल दिया गया़ छात्राएं रोते-बिलखते विद्यालय से बाहर चली गयी़ं.

होमगार्ड के जवान सुनील ने की सहायता
विद्यालय से निकाले जाने के बाद तीनों छात्राएं होमगार्ड के जवान सुनील यादव से मिली़ इसने उन तीनों को विद्यालय से करीब डेढ़ किमी दूर सिसरी जाकर गाड़ी में बैठाया़ विदित हो कि उक्त विद्यालय सिसरी गांव से डेढ़ किमी दूर पहाडी किनारे अवस्थित है़ वहां दिन में भी डर लगता है. लेकिन वार्डन ने देर शाम को विना सोचे-समझे तीनों छात्राओं को विद्यालय से बाहर कर दिया.

क्या है मामला
तीनों छात्राएं रक्षाबंधन में पांच अगस्त को अपने-अपने घर गयीं थी. इसी बीच उनके परिजन के बीमार पड़ जाने के कारण वे विद्यालय नहीं जा सकी़ सात अगस्त को जब वे अपने भाइयों के साथ विद्यालय पहुंची, तो भाई के सामने तो वार्डन ने इन्हें विद्यालय में प्रवेश करने दिया़ लेकिन शाम में इनके भाइयों के जाने के बाद उन्हें विद्यालय से निकाल दिया़ छात्राओं ने बताया कि कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की वार्डन उन्हें काफी प्रताड़ित करती हैं. विद्यालय से संबंधित खबर अखबार में छपने पर इससे संबंधित छात्राओं को प्रताड़ित किया जाता है़ अभिभावक राजेंद्र सिंह ने कहा कि वार्डन के भरोसे वे अपनी लड़कियों को नहीं छोड़ सकते़ देर शाम स्कूल के निकाले जाने के बाद यदि उनके साथ कुछ अनहोनी होती, तो इसका जिम्मेवार कौन है़ यदि इस पर कार्रवाई नहीं की गयी तो वे लोग अपनी बच्चियों को विद्यालय भेजना बंद कर देंगे.
घटना की जानकारी नहीं: बीइइओ
बीइइओ कौशल किशोर चौबे ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है़ मामले की जानकारी ली जा रही है़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >