लोगों ने एक स्वर से चीन निर्मित राखी का बहिष्कार कर दिया है़ देशी राखी से देश की रक्षा का संकल्प ले रहे लोगों ने देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है़ उल्लेखनीय है कि भारत-चीन सीमा पर डोकलाम में दोनों ओर से संगीने तन गयी है और देश के लोग जोश में हैं,कि पाकिस्तान से पहले चीन से ही निबट लिया जाय़े. इसी बीच रक्षाबंधन का त्योहार है और लोग चीनी राखियों का बहिष्कार किये हुए है़ं इसी तना-तनी के बीच रेशम के धागे से देशभक्ति की डोर को और मज़बूत करने का संदेश चहुंओर मिल रहा है़.
कभी लोगों के सिर चढ़ कर बोलने वाला चाइनीज सामान एकाएक लोगों के नजऱ से उतर गया है और चीजों के साथ साथ रक्षाबंधन के वक्त महंगे से महंगा चाइनीज राखी ख़रीदने वाले लोग इस बार राखी के दुकानों पर पहुंच रेशम के धागे वाली राखी ही मांग और खरीद रहे हैं, जहां एक तरफ़ बहनें चाइनीज राखी नहीं बल्कि रेशम और मौली धागे से ख़ुद से बनायी हुई राखी भाई के कलाई पर बांध उसे मजबूत बनाने का संकल्प ले रही है़ इस मौके पर स्थानीय निवासी रवि केसरी व गुड़िया ने कहा कि राखी की दुकानें सजी जरूर हैं, लेकिन लोगों द्वारा चाइनीज राखी के विरोध किये जाने का असर बाज़ार पर देखने को मिल रहा है़ उक्त लोगों ने कहा कि वे देशी राखी ही बांधेंगे़ वहीं राखी विक्रेता देवव्रत ने कहा कि चाइनीज राखी की बिक्री कर बढ़िया आय करने वाले दुकानदार का कहना है कि लोग इस बार चाइनीज राखी को ख़ोज तक नहीं रहे.
