भवनाथपुर के बाजारों में खुलेआम बिक रहा जविप्र के चावल

भवनाथपुर: जविप्र की दुकानों से गरीबों को दिये जानेवाले चावल की कालाबाजारी किये जाने के मामले का खुलासा हुआ है़ यह मामला आज भवनाथपुर में लगनेवाले हाट बाजार के दौरान पकड़ में आया है़ स्थानीय युवकों ने व्यवसायी द्वारा व्यापक पैमाने पर सरकारी चावल और गेहूं की खरीदारी करते हुए कुछ लोगों को पकड़ा़ इसके […]

भवनाथपुर: जविप्र की दुकानों से गरीबों को दिये जानेवाले चावल की कालाबाजारी किये जाने के मामले का खुलासा हुआ है़ यह मामला आज भवनाथपुर में लगनेवाले हाट बाजार के दौरान पकड़ में आया है़ स्थानीय युवकों ने व्यवसायी द्वारा व्यापक पैमाने पर सरकारी चावल और गेहूं की खरीदारी करते हुए कुछ लोगों को पकड़ा़ इसके बाद इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गयी़.

मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा जांच की गयी, तो खुदरा और व्यवसायियों के दुकानों व गोदामों में कालाबाजारी के लाखों रुपये की सरकारी चावल और गेहूं रखा हुआ मिला. कई व्यवसायियों के दुकानों में कालाबाजारी के रूप में खरीदी गयी एफसीआइ का लेबल लगा हुआ बोरी भी बरामद किया गया है़ केतार रोड स्थित व्यवसायी राजकुमार प्रजापति के दुकान व गोदाम से कालाबाजारी के 30 बोरा सरकारी चावल और गेंहू, विनोद साह के दुकान से 13 बोरा सरकारी चावल, रिद्धि सिद्धि रिटेलर दशरथ साह के गोदाम से व्यापक पैमाने पर बोरी में भरा हुआ.

सरकारी चावल बरामद किया गया़ इसके अलावा दीनानाथ साह के दुकान से 15 बोरा, राजेंद्र सेठ, विनोद गुप्ता के दुकान से भी बड़े पैमाने पर सरकारी चावल बरामद किया गया है़ इस दौरान व्यवसायियों ने बताया कि इस तरह के सरकारी चावल की खरीद-बिक्री पूरे भवनाथपुर बाजार के छोटे-बड़े व्यापारी करते हैं. खुदरा बाजार में इतने बड़े पैमाने पर सरकारी चावल और गेहूं की खुलेआम हो रही कालाबाजारी की जानकारी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी़. इस संबंध में फड़ी व छोटे व्यवसायियों का कहना है कि वे लोग ग्रामीणों और कुछेक जविप्र के डीलरों से सरकारी चावल 13- 14 रुपये के हिसाब से खरीदते हैं. इसके अलावा गेहूं 14 रुपये की दर से खरीदा जाता है़ उल्लेखनीय है कि पीएच कार्डधारियों को एक रुपये की दर से सरकार चावल व गेहूं उपलब्ध कराता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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