बरसात में ही गिरने लगता है अस्पताल का प्लास्टर, जान जोखिम में डाल रहते हैं मरीज
मझिआंव: मझिआंव का रेफरल अस्पताल पिछले कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी बरसात आते ही बीमार हो गया है़ अस्पताल के बाहरी हिस्से में प्रति वर्ष डेंटिंग पेंटिंग होने से बाहर से तो ठीक दिखता है, लेकिन बारिश शुरू होते ही इसकी पोल खुलने लगती है़ अस्पताल के अंदर सभी कमरों में छत का […]
मझिआंव: मझिआंव का रेफरल अस्पताल पिछले कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी बरसात आते ही बीमार हो गया है़ अस्पताल के बाहरी हिस्से में प्रति वर्ष डेंटिंग पेंटिंग होने से बाहर से तो ठीक दिखता है, लेकिन बारिश शुरू होते ही इसकी पोल खुलने लगती है़ अस्पताल के अंदर सभी कमरों में छत का कोई भी ऐसा हिस्सा नहीं है, जहां पानी नहीं टपकता हो तथा छत का प्लास्टर टूट कर नहीं गिरता हो़ अस्पताल कर्मी व चिकित्सक जान जोखिम में डाल कर अस्पताल परिसर में रहते व मरीज को देखते है़ं.
पिछले दिनों ओपीडी में मरीज देख रहे चिकित्सक व मरीज के बगल में छत का प्लास्टर टूट कर गिरा, जिससे वे बाल-बाल बच गये़ साथ ही छत से पानी टपकने के कारण मरीजों का इलाज अन्य कमरे में किया गया़ इसी तरह अॉपरेशन रूम, दवा खाना रूम, ओपीडी व महिला वार्ड के बाहर बरामदा तथा वैक्सीन रूम सहित लगभग अस्पताल के सभी कमरों के छत से पानी टपक रहा है़ साथ ही छत का प्लास्टर उखड़ उखड़ कर गिर रहा है़ बताया जाता है कि रेफरल अस्पताल के साथ का बना पशु चिकित्सा शेड पांच वर्ष पूर्व ही जमींदोज हो चुका है.
इस कारण भी चिकित्साकर्मी रेफरल अस्पताल के गिरने के भय से हमेशा ही भयभीत रहते है़ं उल्लेखनीय है कि लगभग सात वर्षों पूर्व तत्कालीन सरकार के स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही के प्रयास से लगभग 24 लाख की लागत से विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से इस अस्पताल की मरम्मत करायी गयी थी़ इस बारे में लोगों का आरोप है कि मरम्मत के दूसरे वर्ष से ही अस्पताल के छत से पुनःपानी टपकने लगा़ इस संबंध में रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ कमलेश कुमार ने बताया कि अस्पताल की जर्जर स्थिति के बारे में स्वास्थ्य मंत्री सहित सभी पदाधिकारियों को लिखित पत्र दे चुके हैं तथा जिला के प्रत्येक मीटिंग में समस्या बताते है़ं.
उन्होंने कहा कि यह पदाधिकारियों पर निर्भर है कि अस्पताल का मरम्मत होगा या नया निर्माण होगा़ वर्तमान में हम लोग जान जोखिम में डालकर काम करने पर विवश है़ छत से पानी टपकने व छत के प्लास्टर गिरते रहने के कारण किसी तरह से प्लास्टिक ओढ़ा कर वैक्सीन अन्य सामान व कंप्यूटर को बचा रहे है़ं