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EXCLUSIVE: वो आइकॉनिक पल था जब बच्चन सर ने केबीसी में कहा कि नाज़िया आप पर मुझे गर्व है- नाज़िया नसीम

By उर्मिला कोरी
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First Crorepati of kbc 12 Nazia Nasim
First Crorepati of kbc 12 Nazia Nasim
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Exclusive Interview Of First Crorepati Nazia Nasim : कौन बनेगा करोड़पति के इस सीजन की पहली करोड़पति रांची की नाज़िया नसीम बन गयी हैं. वह इसे सपने जैसा करार देती हैं. वह इस खुशी को सेलिब्रेट करने खासतौर पर रांची आयी हैं ताकि परिवार के साथ वह एपिसोड देख सकें. खुशियां मना सके. नाज़िया कहती हैं कि रांची और पूरा झारखंड हमेशा से मेरे दिल के बहुत करीब रहा है. मुझमें जो तहजीब है वो रांची से है क्योंकि वहां के लोग बहुत प्यारे हैं. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत...

रांची से दिल्ली फिर केबीसी के इस सीजन की विनर किस तरह से अपनी जर्नी को देखती हैं?

सोचा नहीं था ऐसा कुछ हो जाएगा. प्रोमो जब केबीसी का आउट हुआ उसके बाद इतने लोगों के फोन कॉल्स और शुभकामनाएं आनी शुरू हो गयी कि लगा अरे ये तो सच है. अब लग रहा है कि ये एक बड़ी उपलब्धि है. मैं बहुत ही इमोशनल हूं बहुत भाव विभोर हूं सिर्फ मैं ही नहीं मेरा पूरा परिवार क्योंकि यह कुछ ऐसा है जो मेरे ही नहीं पूरे खानदान के उम्मीद के परे है. रांची और भिलाई मेरे दोनों परिवारों को इतने कॉल्स आ रहे हैं. मुझे ऐसे ऐसे लोग मुबारकबाद दे रहे हैं. जिनसे मैंने 10 साल से बात भी नहीं की है. हम भारतीयों की खासियत होती है कि हम अंडर डॉग्स को जीतते हुए बहुत खुश होते हैं. पिछले साल जब सनोज राज जीते थे तो हम सब बहुत खुश हुए थे वह मुझे केबीसी का सबसे बेस्ट एपिसोड लगा था.

केबीसी का आप कबसे हिस्सा बनना चाहती थी?

2000 में जब केबीसी वापस आया था तब से मेरी कोशिश जारी है.मेरी माँ की ये ख्वाइश थी कि मैं केबीसी में जाऊं और हॉट सीट पर बैठूं. इस सीजन आखिर मुझे कॉल आ गया और चीज़ें अपने आप होती चली गयी. सबकुछ एक सपने की तरह लग रहा.

केबीसी को लेकर आपकी क्या तैयारी थी?

मुझे जहां तक लगता है कि केबीसी आपके मौजूदा तीन या छह महीने के ज्ञान को टेस्ट नहीं करता है बल्कि आपके सालों के ज्ञान ,आपके आत्मविश्वास आपके सोचने और परखने की क्या क्षमता है. केबीसी इन सबको कई लेवल पर परखता है. केबीसी सिर्फ एक क्विज शो नहीं है कि आपने एक क्विज वाली किताब रट ली और हो गया. यह आम आदमी को प्लेटफॉर्म देता है कि आप भी फेमस हो सकते हैं.

शो का थीम इस बार सेटबैक का जवाब कमबैक से दीजिए है आप अपनी लाइफ का सेटबैक क्या कहेंगी?

छोटे शहर में लड़कियों को सपने देखना आसान नहीं होता है. बड़े शहरों में भी लड़कियों को दिक्कतें होती हैं लेकिन छोटे शहर में ज़्यादा होती है. हमें कदम कदम पर सेटबैक मिलता है. मैं अपने निजी अनुभवों से बोल सकती हूं. अभी तो रांची बहुत बदल गया है लड़कियां बहुत अच्छा कर रही हैं लेकिन आज से बीस साल पहले ऐसा नहीं था. मैं हमेशा से सिर्फ शादी करके बच्चे पैदा नहीं करना चाहती है. मैं अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती थी लेकिन समाज को इससे दिक्कत थी रिश्तेदारों को भी. बुरा क्या लगता है कि हम लड़कियों के फैसले कोई दूसरा लेता है लेकिन हां सबके विरोध के बावजूद मेरे परिवार ने मुझे सपोर्ट किया तो ही मैं रांची से दिल्ली अपने कैरियर के लिए जा पायी. हमारे समाज में लड़के लड़कियों के अधिकार में बहुत अंतर हैं. मुझे उससे दिक्कत होती है. लड़कियां अपनी ज़िंदगी के फैसले क्यों नहीं कर सकती. मेरी जर्नी बताती है कि हर माता पिता को समाज की परवाह ना करते हुए अपनी बेटियों के सपनों को पूरा करने में उनका सपोर्ट करना चाहिए. मैंने हमेशा सही फैसला लिया ऐसा भी नहीं कई बार असफल भी हुई लेकिन परिवार के सपोर्ट की वजह से मैं फिर उठ खड़ी हुई.

आपकी जॉब प्रोफ़ाइल क्या है?

मैं रॉयल एनफील्ड में काम करती हूं जो आइकॉनिक मोटरसाइकिल बुलेट बनाती हैं. जो भारत की पहली पसंद है. मैं गर्व से कहती हूं कि मैं इस कंपनी में काम करती हूं. मैं इंटरनल कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की लीडर हूं.

अमिताभ बच्चन के साथ के अनुभव को कैसे परिभाषित करेंगी?

बहुत ही शानदार ,वे इतने बड़े कलाकार हैं लेकिन वह एकदम आपसे घुलमिल जाते हैं. वह आपसे आपकी रुचि के अनुसार ही बात करनी है. जो भी बातें वह शो के दौरान करते हैं. वह उनके दिल और दिमाग की उपज होती है. आप उनसे उनकी तारीफ करेंगे तो वह आप की खूबियां बताने लगते हैं. मेरे लिए मेरी ज़िंदगी का सबसे आइकॉनिक मोमेंट वो था जब मिस्टर बच्चन ने मुझे कहा कि नाज़िया मुझे आप पर गर्व है.

शो के दौरान कोई ऐसा मोमेंट जब आप नर्वस हुई थी?

शो के दौरान नहीं लेकिन जब होटल में मैं इंतज़ार कर रही थी कि मुझे कल खेलना है तो मैं बहुत नर्वस थी पूरी रात सो नहीं पायी थी. हॉट सीट आने के बाद मेरी घबराहट खत्म हो गयी. मेरा जॉब कुछ ऐसा है कि मुझे बहुत कैमरे का सामना करना पड़ता है इसलिए मैं उसे लेकर बहुत सहज थी. जहां तक सवालों की बात है तो मेरे लिए स्लमडॉग मिलेनियर वाला मोमेंट था कई सवाल थे जो मैंने कहीं पढ़ा,सुना था तो मैं उनसे कनेक्ट होती गयी और जवाब देती चली गयी. वैसे केबीसी की पूरी टीम बहुत सपोर्टिव है. वो आपको मोटिवेट करती रहती है कि आपको जो मौका मिला है. उसका आप ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठा सके.

जीती हुई राशि से क्या कुछ खास करने की प्लानिंग है?

अभी हम परिवार वाले बैठ कर इस पर बात करेंगे. उसके बाद ही फैसला लेंगे. हां मैं अपने माता पिता और सास ससुर के मेडिकल के लिए कुछ राशि जमा करना चाहूंगी और अपने बेटे के अच्छे फुटबॉल कोचिंग पर भी.

आपकी हॉबीज क्या हैं?

मुझे पढ़ने लिखने का बहुत शौक है. हिंदी की कविताएं, नज्म,गज़लें मैं बहुत पढ़ती हूं. हिंदी और उर्दू में लिखती भी हूं. यह खूबी मुझे मेरे पिता से विरासत में मिली है.

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