जादूगोड़ा. यूसिल की नरवा पहाड़ माइंस क्षेत्र में रि-टेंडर प्रक्रिया में हो रहे विलंब ने ठेका मजदूरों की कमर तोड़ दी है. कई महीनों से बेरोजगार बैठे मजदूरों का गुस्सा फूटने लगा है. इसी समस्या को लेकर शनिवार को झारखंड ठेका मजदूर यूनियन ने सुमू कार्यालय के समक्ष बैठक की. रविवार को भी बैठक होगी. यूनियन पदाधिकारियों ने बैठक के दौरान पूर्व में हुए समझौतों की याद दिलायी. उन्होंने कहा कि 24 मार्च 2025 को धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में हुए समझौते के अनुसार, रि-टेंडर के दौरान मजदूरों को बेरोजगार नहीं रखा जाना था. तय हुआ था कि यदि मुख्य टेंडर में देरी होती है, तो कंपनी डीओपी-28 के तहत वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराएगी. कंपनी ने इन शर्तों को ताक पर रख दिया है. कैंटीन के मजदूर पिछले 3 माह से और साइकिल-मोटरसाइकिल स्टैंड के मजदूर पिछले 2 माह से बेरोजगार हैं. मजदूरों ने बताया कि काम बंद होने से उनके परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है. विशेष बात यह है कि इनमें से अधिकांश मजदूर विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों से आते हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह माइंस के काम पर टिकी है.
East Singhbhum News : मजदूरों को रोजगार नहीं मिला, तो होगा आंदोलन
कैंटीन के मजदूर पिछले 3 माह से और साइकिल-मोटरसाइकिल स्टैंड के मजदूर पिछले 2 माह से बेरोजगार हैं
