गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा प्रखंड के बनमाकड़ी लैंपस में धान खरीद के नाम पर भारी अनियमितता और फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है. वास्तविक किसानों से धान खरीदने के बजाय केवल ऑपरेटर के परिजनों और फर्जी आइडी के सहारे कागजी खानापूर्ति के आरोप लगे हैं. इसके बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) जुल्फीकार अंसारी ने लैंपस को सील कर दिया है. वहीं, जांच के लिए सभी संबंधित दस्तावेज और रजिस्टर को जब्त कर लिया है.
पहले दिन गोदाम की क्षमता से तीन गुना धान की खरीद :
मामले का पता तब चला, जब गुड़ाबांदा प्रखंड प्रमुख शुभजीत मुंडा और उप प्रमुख रतन लाल राउत ने लैंपस का निरीक्षण किया. प्रमुख ने बताया कि उद्घाटन के दिन मौके पर वास्तविक रूप से लगभग 800 क्विंटल धान की आवक हुई थी, लेकिन प्रखंड कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों में 3418 क्विंटल धान की खरीद दर्ज है. गौर करने वाली बात यह है कि लैंपस के गोदाम की क्षमता मात्र 1000 क्विंटल है. ऐसे में क्षमता से तीन गुना अधिक धान की कागजी खरीद ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी.लैंपस सचिव और ऑपरेटर हटाने की मांग:
प्रशासन की कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. आक्रोशित किसानों ने लैंपस सचिव और ऑपरेटर को तत्काल पद से हटाने और मामले की उच्च स्तरीय जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. फिलहाल, लैंपस सील है और प्रशासन जब्त दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी राशि का गबन किस स्तर पर किया गया है.
