बहरागोड़ा. बहरागोड़ा थाना के पानीपड़ा-नागुइसई में स्वर्णरेखा नदी तट पर मिले द्वितीय विश्वयुद्ध के विशालकाय बम को लेकर चार दिनों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को रांची से भारतीय सेना की विशेष टीम मौके पर पहुंची. लगभग 227 किलोग्राम वजन के इस बम का टीम ने गहन निरीक्षण किया. सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का आकलन किया.
रिपोर्ट मिलने के बाद बम को डिफ्यूज करने की तिथि तय होगी:
निरीक्षण के लिए पहुंचे सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और कैप्टन आयुष कुमार ने बताया कि फिलहाल वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया है. इसकी विस्तृत रिपोर्ट विभाग को भेजी जायेगी. इसके बाद बम को डिफ्यूज करने की तिथि और समय निर्धारित किया जायेगा. इस दौरान मौके पर थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा और सशस्त्र बल के जवान सुरक्षा के लिए तैनात रहे.
पिछली बार की तरह अपनायी जायेगी प्रक्रिया :
विदित हो कि 17 मार्च को भी इसी क्षेत्र में मिले दो बमों को सेना ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज किया था. उस समय सेना ने दो गहरे गड्ढे खोदे थे. बमों को बालू से लदे बोरों से अच्छी तरह ढंक दिया गया था. इस बार भी सुरक्षा और धमाके के प्रभाव को कम करने के लिए इसी तकनीकी प्रक्रिया को अपनाये जाने की संभावना है.
डिटेक्टर से हो पूरे नदी किनारे की जांच : ग्रामीण
इस घटना के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वज बताते थे कि युद्ध के दौरान नदी में करीब 30 से 40 बम फेंके गये थे. पिछले एक माह में तीन बम मिल चुके हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे नदी तट की मेटल डिटेक्टर के माध्यम से सघन जांच करायी जाये.