पटमदा.
पटमदा की लच्छीपुर पंचायत के नहचीबेड़ा गांव स्थित मां ईंट भट्ठा में बुधवार को 50 मजदूर व बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गये. भट्ठा मालिक ने पोइला बैसाख पर सभी मजदूरों को नाश्ता करने के लिए चना-गुड़ दिया गया था. नाश्ता करने के बाद 50 मजदूर और छोटे बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए. फिलहाल कई मजदूरों की स्थिति नाजुक बनी हुई है. भट्ठे में दो दिनों से कामकाज ठप है. सभी मजदूरों का स्थानीय स्तर पर इलाज किया जा रहा है. मजदूरों ने बताया कि बुधवार सुबह बंगला नववर्ष पर भट्ठा मालिक की ओर से सभी को चना और गुड़ नाश्ते में दिया गया था. खाने के करीब डेढ़ घंटे बाद ही मजदूरों को तेज सिरदर्द, लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते बीमार मजदूरों की संख्या बढ़ती चली गयी. इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. गुरुवार सुबह जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो भट्ठा मालिक ने पश्चिम बंगाल के बंदवान थाना क्षेत्र से चिकित्सकों की टीम बुलाई. डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर गंभीर रूप से बीमार मजदूरों को स्लाइन चढ़ाया और दवाइयां दीं. पीड़ित मजदूर पवन महतो ने बताया कि भट्ठे के लगभग सभी लोग बीमार हैं. कई लोग अभी भी उचित चिकित्सा की आस में भट्ठे पर ही पड़े हुए हैं. बीमार मजदूरों में पवन सिंह, काजल सिंह, नरेन रुहिदास, सोनका रुहिदास, गोपाल रुहिदास, नमिता रुहिदास, गणेश रुहिदास, ललिता सबर, गुरुपदो सबर, रमनदीप सबर, पूर्णचंद्र तंतुबाई, शेफाली तंतुबाई, मैनेजर रिंटू सिंह, मुंशी रूपचंद महतो, लखीसागर मुर्मू, अशोक मुर्मू, पार्वती मुर्मू, सुचानंद मुर्मू, सुकुरमनी मुर्मू आदि शामिल हैं.East Singhbhum News : ईंट भट्ठे में चना-गुड़ खाने से 50 मजदूर और बच्चे बीमार, गांव में चल रहा इलाज
पटमदा. नहचीबेड़ा गांव स्थित मां ईंट भट्ठा की घटना, दो दिनों से काम ठप, बंगाल के चिकित्सक कर रहे इलाज
