जादूगोड़ा. यूसिल के संपदा विभाग में कार्यरत ठेका सफाई कर्मियों के बीच समय पर वेतन न मिलने के कारण गहरा असंतोष व्याप्त है. भीषण गर्मी में नियमित सेवा देने के बावजूद भुगतान में देरी से कर्मियों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
आर्थिक संकट में फंसे मजदूर:
सफाई कर्मियों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से राशन खरीदने और बच्चों की स्कूल फीस भरने में वे असमर्थ हैं. घरेलू बजट बिगड़ने के साथ-साथ बैंक लोन की किस्तें जमा न होने से उनकी सिविल रेटिंग पर भी बुरा असर पड़ रहा है. इसके अतिरिक्त, कई कर्मियों को अब तक अर्जित अवकाश की राशि का भी भुगतान नहीं किया गया है.अधिकारियों की टालमटोल:
मामले पर ठेकेदार बिनु राव ने सफाई देते हुए कहा कि यूसिल प्रबंधन की ओर से भुगतान में देरी हो रही है. उनके अनुसार, अधिकारी राकेश कुमार ने इसके लिए लेखा विभाग को जिम्मेदार ठहराया, जबकि लेखा विभाग ने ””””ईआरपी सिस्टम”””” में तकनीकी खराबी का हवाला दिया. इस प्रशासनिक टालमटोल के कारण भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह बाधित है.स्थायीकरण की मांग:
सफाई कर्मचारी संघ ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि वे जल्द ही प्रबंधन के साथ वार्ता करेंगे. संघ ने ठेका प्रथा समाप्त कर सभी कर्मियों को सीधे प्रबंधन के अधीन करने और उन्हें स्थायी करने की मांग उठाने का निर्णय लिया है.
