घाटशिला. घाटशिला अनुमंडल अस्पताल एक बार फिर विवादों में है. झाटीझरना पंचायत के बालीडीह निवासी मोतीलाल मुंडा ने अपनी गर्भवती पत्नी मंजू मुंडा के इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि अस्पताल की अनदेखी के कारण जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में पड़ गयी थी. परिजनों के अनुसार, मंजू मुंडा को 5 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यह उनका पहला प्रसव था. चार दिनों तक महिला अस्पताल में तड़पती रही, लेकिन चिकित्सकों ने बार-बार नॉर्मल डिलीवरी होने की बात कहकर न तो ऑपरेशन किया और न ही बेहतर केंद्र के लिए रेफर किया. स्थिति बिगड़ती देख मंगलवार शाम परिजनों ने उसे निजी नर्सिंग होम (आशीर्वाद नर्सिंग होम) में भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन के बाद महिला ने एक स्वस्थ पुत्री को जन्म दिया. फिलहाल महिला की स्थिति स्थिर है, जबकि नवजात को बेहतर देखभाल के लिए अनुमंडल अस्पताल के ही एसएनसीयू में रखा गया है.
स्थानीय जनप्रतिनिधि सपन मुंडा ने अस्पताल प्रबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सरकारी व्यवस्था की इस सुस्ती के कारण गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है.East Singhbhum News : चार दिनों तक दर्द से तड़पती रही प्रसूता, न ऑपरेशन किया न रेफर
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा, नर्सिंग होम में हुआ सुरक्षित प्रसव
