गालूडीह. घाटशिला प्रखंड की बाघुड़िया पंचायत स्थित पहाड़पुर गांव की सोलर जलमीनार एक साल से खराब है. रविवार को गांव की महिलाओं ने खराब जलमीनार के समक्ष एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पहाड़पुर गांव की जलमीनार लगभग 30 परिवारों की प्यास बुझाने का मुख्य जरिया थी. अब ग्रामीण खाल (नाले) का गंदा पानी पीने को विवश हैं. महिलाओं को घर का काम छोड़ लंबी दूरी तय कर पानी ढोना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा रहता है. ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई तकनीकी कर्मी जलमीनार देखने तक नहीं आया. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे. हर साल गर्मी में मिलने वाले केवल आश्वासनों से अब गांव वालों का भरोसा उठ चुका है. वे जल्द से जल्द स्थाई समाधान की मांग कर रहे हैं.
गांव से दो किमी दूर कुआं से पानी लाकर पीते हैं ग्रामीण
धालभूमगढ़. झामुमो के केंद्रीय सदस्य कान्हू सामंत ने रविवार को धालभूमगढ़ की रावताड़ा पंचायत के महिषाधारा गांव का दौरा किया. उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की. ग्रामीणों ने उन्हें पेयजल की समस्या से अवगत कराया. टोला डाही में पेयजल की कारगर व्यवस्था नहीं होने से उन्हें दूर दराज से पानी लाना पड़ता है. ग्रामीण 21वीं सदी में भी खेत के कुआं से प्यास मिटाते हैं. बैठक में उपस्थित रावताड़ा के मुखिया अर्जुन मांडी में बताया कि यह समस्या पिछले कई वर्षों से सामने आ रही है, लेकिन विभागीय उदासीनता व बजट में कमी होने सो इस समस्या का निदान नहीं हो पाया है. किसी तरह खेत के कुआं का मरम्मत अपने स्तर से कर पाये हैं. कुआं से लगभग 2 किमी दूर पैदल चलकर ग्रामीणों को पानी लाना पड़ता है. कान्हू सामंत ने समस्या को संज्ञान में लेते हुए बहुत जल्द डीप बोरिंग कराने का आश्वासन दिया. मौके पर मंगल टुडू, सुकुमार माण्डी, जयराम माण्डी, लोपसा मुर्मू, सोमाय माण्डी, बुढा़न मुर्मू, फुलमुनी मुर्मू, सिंगों माण्डी, सुकुलमोनी मुर्मू, कुन्दुल माण्डी, कल्पना टुडू आदि उपस्थित थे.