क्षेत्र में साइबर अपराधियों का नेटवर्क एक बार फिर सक्रिय हो गया है. यूसिल के पूर्व कर्मचारी गुरदीप सिंह इस ठगी का शिकार हुए हैं, जिनके बैंक खाते से अपराधियों ने 1 लाख 20 हजार रुपये उड़ा लिए. पीड़ित गुरदीप सिंह के अनुसार, 19 अप्रैल को जादूगोड़ा बाजार में उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया था. इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सिम ब्लॉक करवाकर नया सिम लिया. इसके बावजूद साइबर अपराधियों ने तकनीकी सेंधमारी कर 19 से 21 अप्रैल के बीच कई किस्तों में उनके खाते से कुल 1.20 लाख निकाल लिए.
ठगों के निशाने पर हैं यूसिल के सेवानिवृत्त कर्मी
पीड़ित ने व्यथा साझा करते हुए कहा कि रिटायरमेंट के बाद जमा की गयी पूंजी ही बुढ़ापे का सहारा थी, जिसे अपराधियों ने लूट लिया. सूत्रों की मानें तो जादूगोड़ा के कोकदा, इचड़ा, राखा माइंस और नवरंग मार्केट जैसे इलाके साइबर ठगों के सुरक्षित ठिकाने बन रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद कई युवक दोबारा साइबर अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं. हाल ही में दिल्ली पुलिस ने भी जादूगोड़ा से एक आरोपी को करोड़ों की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस कार्रवाई का दावा तो कर रही है, लेकिन अपराधियों का जाल पूरी तरह नहीं टूट पाया है. प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर पूर्व कर्मचारियों को मोबाइल या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने और फोन चोरी होने पर बैंक खातों को तुरंत फ्रीज कराने की सलाह दी है.