East Singhbhum News : कागज पर 3418 क्विंटल की खरीद गोदाम में मिला मात्र 800 क्विंटल

लैंपस से धान खरीद के बाद एक बार भी चावल मिल को नहीं भेजा गया

गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा प्रखंड के बनमाकड़ी लैंपस में धान खरीद में गड़बड़ी की शिकायत के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी ने लैंपस सील कर दिया है. लैंपस सचिव के अनुसार, कुल 44 किसानों से 3418 क्विंटल धान की खरीद दिखायी गयी है. जबकि अब तक चावल मिल को एक गाड़ी धान भी नहीं भेजा गया है. लैंपस के गोदाम की क्षमता मात्र 1000 क्विंटल है. भौतिक सत्यापन में वहां केवल 800 क्विंटल धान स्टॉक में मिला. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आंकड़ों में दिखाया गया शेष धान कहां गया? जिला प्रशासन अब लैंपस के दस्तावेजों और डिजिटल एंट्री का मिलान करने में जुट गया है.

एक परिवार के कई सदस्यों के नामों पर हुई खरीद:

जांच में पता चला कि एक परिवार के कई सदस्यों (मां, बेटा, बहू और दादा) के नाम पर धान की खरीद दिखायी गयी है. फर्जी किसान आइडी का उपयोग कर कागजों पर धान की खरीदारी दिखाकर सरकारी राशि गबन की आशंका है. इस मामले में लैंपस संचालक जवाहरलाल बारिक और उनके पुत्र सह कंप्यूटर ऑपरेटर जयंत बारिक जांच के घेरे में हैं. प्रखंड के अन्य लैंपसों के आंकड़े भी संदेह के घेरे में हैं. मुड़ाठाकड़ा लैंपस में 626 किसानों से 21,642 क्विंटल और ज्वालकाटा लैंपस में 152 किसानों से 9240.19 क्विंटल धान की खरीद दर्ज है. उप प्रमुख रतन लाल राउत ने प्रखंड के सभी लैंपसों की निष्पक्ष जांच की मांग की है. प्रमुख शुभजीत मुंडा ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हक को मारने वाले दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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