East Singhbhum News : 32 हाथियों के झुंड ने बढ़ायी चिंता, 24 घंटे विभाग की नजर

घाटशिला : डीएफओ सबा आलम ने क्षेत्र का लिया जायजा

घाटशिला. घाटशिला क्षेत्र के जंगलों में इन दिनों हाथियों की सक्रियता काफी बढ़ गयी है. बुधवार को करीब 32 हाथियों का झुंड देखा गया, जिसमें चार शावक (बच्चा हाथी) भी शामिल हैं. पूर्वी सिंहभूम के डीएफओ सबा आलम के नेतृत्व में टीम लगातार हाथियों की गतिविधि पर नजर बनाये हुए है. बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र और घाटशिला-चाकुलिया रेंज की संयुक्त क्यूआरटी दो दिनों से 24 घंटे तैनात है. हाथियों का दल वर्तमान में डायनमारी, बासाडेरा, धारागिरी, गुड़ाझोर, मिर्गीटांड़, चाड़री, पहाड़पुर और माकुली जामबाद जैसे गांवों व आसपास के जंगलों में विचरण कर रहा है. हाथियों के इस मूवमेंट से जहां किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, वहीं कुछ ग्रामीणों के घायल होने की भी खबर है. मंगलवार को डीएफओ और घाटशिला के रेंजर विमद कुमार ने प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत की. रेंजर ने बताया कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने के प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि हाथियों को एक स्थान पर रोककर नियंत्रित करने के लिए टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के करीब न जाएं और उनके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें.

गुड़ाबांदा में तरबूज की खेती रौंदी, खिड़की तोड़ निकाला धान

गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा में मंगलवार की रात हाथियों के एक झुंड ने बालीजुड़ी गांव में उत्पात मचायी. हाथियों ने न केवल फसलों को बर्बाद किया, बल्कि रिहाइशी इलाके में घुसकर घरों को भी निशाना बनाया. ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड देर रात जंगल से निकलकर बालीजुड़ी पहुंचा. हाथियों ने किसान संजीत पांडा की तरबूज की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया. इसके बाद हाथियों ने जितेंद्र पांडा के घर की खिड़की तोड़ दी. अंदर रखे धान के बोरों को खींचकर बाहर निकाला और अपना निवाला बनाया. पीड़ित किसानों का कहना है कि खेती के शुरुआती चरण में ही इस नुकसान ने उनके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा कर दिया है.विगत कई दिनों से हाथियों का झुंड गुड़ाबांदा प्रखंड के विभिन्न गांवों में विचरण कर रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग संवेदनशील नहीं है. ग्रामीण दहशत में हैं. लोगों ने वन विभाग से हाथियों को क्षेत्र से दूर खदेड़ने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

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Author: ATUL PATHAK

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