घाटशिला. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर द्वारा सरकारी खजाने से फर्जी वेतन निकासी के खिलाफ दिए गए राज्यव्यापी जांच के आदेश के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है. वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गुरुवार को घाटशिला उप कोषागार का करीब ढाई घंटे तक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि खजाने से होने वाली एक-एक पाई की निकासी नियमों के दायरे में होनी चाहिए.
दोनों ट्रेजरी के भुगतानों की होगी जांच:
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि जिले में दो कोषागार जमशेदपुर और घाटशिला में संचालित हैं. दोनों ट्रेजरी से हुए सभी भुगतानों और निकासी की गहन समीक्षा की जा रही है. हाल के दिनों में राज्य के कुछ जिलों में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले सामने आये हैं, ऐसे में पूर्वी सिंहभूम में किसी प्रकार की अनियमितता न हो, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है. उपायुक्त ने कोषागार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी डीडीओ द्वारा प्रस्तुत विपत्रों की बारीकी से जांच की जाये. साथ ही सभी डीडीओ कोड और खातों का भी क्रमवार निरीक्षण किया जायेगा.
पुराने बिलों की भी जांच होगी :
डीसी ने कहा कि पूर्व में पास बिलों की भी जांच की जायेगी. उन्होंने वेतन एवं मानदेय भुगतान के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए कहा कि भुगतान से पूर्व संबंधित कर्मियों के सेवा अभिलेखों का सत्यापन तथा बैंक खाता विवरण का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाय. निरीक्षण के दौरान बुक ट्रांसफर, विभिन्न योजनाओं के आवंटन, अप्रयुक्त राशि तथा लंबित एसी/डीसी विपत्रों की भी समीक्षा की गयी. डीसी ने निर्देश दिया कि जिन मदों में राशि का उपयोग संभव नहीं है, उसे समय रहते वापस किया जाय तथा पीएल खातों की नियमित साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाये. मौके पर घाटशिला एसडीओ सुनील चंद्र, जमशेदपुर कोषागार पदाधिकारी, घाटशिला उप कोषागार पदाधिकारी समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.
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