काड़ाडुबा. योजना का उदघाटन भी नहीं हुआ, एक डीप बोरिंग से नहीं निकल रहा पानी
ट्रायल में ही स्थिति बदहाल हुई
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड की काड़ाडुबा पंचायत के काड़ाडुबा गांव में करीब 45 लाख की लागत से बनी 40 हजार लीटर क्षमता वाली जलमीनार सफेद हाथी साबित होने लगी है. हेमंत कुमार पाल, जगन्नाथ पाल, दिलीप कुमार पाल, सुरेंद्र नाथ पाल, नंदी गोपाल मन्ना सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 40 हजार लीटर की पानी टंकी के लिए दो डीप बोरिंग 450 फीट की गयी है. इसके बावजूद पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता है. एक डीप बोरिंग से 15 दिनों से पानी निकलना बंद है. दूसरा मोटर पंप से तीन दिनों से पानी जलमीनार तक नहीं पहुंच रहा है. दिसंबर में यह हालत है, तो अप्रैल व मई की गरमी में क्या हालत होगी.
ग्रामीणों ने कहा कि अबतक इस योजना का उदघाटन भी नहीं हुआ है. ट्रायल में ही यह हालत है. इस जलमीनार से 194 लाभुकों को संयोजन और लगभग 1 हजार आबादी को लाभ पहुंचाने की योजना है. अबतक 194 उपभोक्ताओं को संयोजन नहीं मिल पाया है. जल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र बैठा ने कहा कि जो डीप बोरिंग हुई है. उससे पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है. संवेदक पाइप डालेगा. उन्होंने बताया कि जिस मिस्त्री ने डीप बोरिंग की है. उसकी लापरवाही से ऐसा हो रहा है. सोलर में गड़बड़ी है. जल्द ही इसे ठीक कराया जायेगा.
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