पटमदा. सबर परिवारों ने आबकारी पुलिस को तीन घंटे बनाया बंधक
वाहन को घेरे हुए महिला समूह.
पटमदा : पटमदा के मुकरूडीह गांव में छापेमारी गयी टीम में दर्जन भर अबकारी पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे, जो दो वाहनों में थे सवार. ग्रामीणों द्वारा छोड़े जाने के बाद आबकारी विभाग के एक वाहन में सवार कर्मचारी रास्ते से ही फरार हो गये.
छह अबकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को थाने में रखा गया : अबकारी विभाग के इंस्पेक्टर क्षितिज विनय मिंज, उमेश झा समेत छह लोगों को ग्रामीणों की शिकायत पर पटमदा थाने में रखा गया है. सुबह गांववालों के साथ बैठक कर विवाद के निपटारे के बाद उन्हें छोड़ा जायेगा.
डिमना के गेड़ुआ गांव में भी बंधक बनी थी आबकारी पुलिस : 2010-11 में छापेमारी करने गयी आबकारी विभाग की पुलिस को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था. उनके साथ मारपीट भी हुई थी. विभाग के डीएसपी भी शिकार बने थे. विभागीय गाड़ी को गांव में छोड़कर आबकारी विभाग के लोगों को पैदल ही जान बचाकर भाना पड़ा था.
अबकारी विभाग द्वारा क्षेत्र में अभियान चलाये जाने की कोई जानकारी स्थानीय थाने को नहीं दी जाती. इसके कारण वे कई बार ग्रामीणों के क्रोध का शिकार हो जाते हैं. इसके बाद पुलिस को परेशान होना पड़ता है.
राम प्रसाद, सर्किल इंस्पेक्टर (पटमदा)
हमनें गांववालों का पैसा नहीं लिया. गांववाले गलत आरोप लगा रहे हैं. बरामद शराब को हमने नष्ट कर दिया था. स्थानीय पुलिस थाने को सूचना दी जानी चाहिये थी, लेकिन यहां चूक हुई.
क्षितिज विनय मिंज, इंस्पेक्टर (आबकारी विभाग)
