दो दर्जन से अधिक सबर-बिरहोर बीमार, विभाग बेखबर

मुसाबनी के टुमांगकोचा के सबर और बिरहोर मुर्गी बेच करा रहे इलाज भारत सेवाश्रम संघ के स्वास्थ्य कर्मी ने जांच कर दी दवा मुसाबनी : मुसाबनी के आदिम जनजाति बहुल टुमांगकोचा में चार सबर-बिरहोर ब्रेन मलेरिया व दर्जनों बुखार व अकड़न से पीड़ित हैं. सबर और बिरहोर स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक से उधार लेकर और घर […]

मुसाबनी के टुमांगकोचा के सबर और बिरहोर मुर्गी बेच करा रहे इलाज

भारत सेवाश्रम संघ के स्वास्थ्य कर्मी ने जांच कर दी दवा
मुसाबनी : मुसाबनी के आदिम जनजाति बहुल टुमांगकोचा में चार सबर-बिरहोर ब्रेन मलेरिया व दर्जनों बुखार व अकड़न से पीड़ित हैं. सबर और बिरहोर स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक से उधार लेकर और घर की मुर्गी-मुर्गा बेच कर इलाज करा रहे हैं. बुधवार को भारत सेवाश्रम संघ के स्वास्थ्य कर्मी ने बुखार पीड़ितों की जांच कर दवा दी. सरकारी चिकित्सा व्यवस्था के लाभ से सबर और बिरहोर वंचित हैं. टुमांगकोचा में एक दर्जन से अधिक बच्चे, वृद्ध- वृद्धाएं बुखार से पीड़ित हैं. अबतक स्वास्थ्य विभाग से उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है. आजजा के लोगों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी अभी तक गांव नहीं पहुंचा है.
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ पी टोपनो से दूरभाष पर संपर्क करने पर बताया गया कि तीन नवंबर को एमपीडब्ल्यू को टुमांगकोचा भेजेंगे. ग्रामीणों के मुताबिक स्थानीय चिकित्सक ने रक्त जांच कर अजय सबर (6), माला सबर (20), वीर सिंह सबर (14), गोल्ठू सबर (6), बिरसा सबर (10) को ब्रेन मलेरिया होने की बात कही है.
रामदास बिरहोर (40), उसका पुत्र प्रकाश बिरहोर (3), सोमवारी बिरहोर (15), जसमीत बिरहोर (3), सबीता बिरहोर (9), गोल्ठो सबर (50) गुरूवारी सबर (65) समेत कई सबर और बिरहोर बुखार और बदन दर्द से पीड़ित हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >