चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य विभाग, कल्याण विभाग और पीएचइडी के कार्यों में करोड़ों का घोटाला सामने आया है. इसका खुलासा शुक्रवार को चाईबासा परिसदन भवन में विधानसभा की एससी-एसटी व पिछड़ा वर्ग समिति की समीक्षा में हुआ. इसमें पाया गया कि स्वास्थ्य विभाग से बने रहे भवन का कार्य वर्ष 2005 से लंबित है. हालांकि राशि की अग्रिम भुगतान हो गया है. जांच में एक करोड़ रुपये का हिसाब-किताब पुख्ता तौर पर मौजूद नहीं है. समिति के सभापति सह विधायक ताला मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग में हुई वित्तीय अनियमितता की जांच के आदेश दिये. श्री मरांडी ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के सचिव को मामले की जांच करने की अनुशंसा की जा रही है. समीक्षा बैठक में समिति सदस्य सह विधायक लक्ष्मण टुडू, डीडीसी, डीआरडीए डायरेक्टर आदि मौजूद थे.
तीन विभागों में करोड़ों का घोटाला
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य विभाग, कल्याण विभाग और पीएचइडी के कार्यों में करोड़ों का घोटाला सामने आया है. इसका खुलासा शुक्रवार को चाईबासा परिसदन भवन में विधानसभा की एससी-एसटी व पिछड़ा वर्ग समिति की समीक्षा में हुआ. इसमें पाया गया कि स्वास्थ्य विभाग से बने रहे भवन का कार्य वर्ष 2005 से […]

योजनाएं लंबित, लेकिन भुगतान कर दिया गया : समिति ने पीएचइडी के कार्यों में गड़बड़ी पकड़ी. पीएचइडी की योजनाओं के कार्य और भुगतान में अंतर है. राशि भुगतान के बाद भी योजनाएं लंबित हैं. लघु सिंचाई विभाग में कार्य लंबित होने के बावजूद भुगतान कर दिया गया. समिति के सभापति ने मामले की जांच का आदेश दिया है.
कल्याण विभाग ने गलत तरीके से एक करोड़ ट्रांसफर किया
समीक्षा में पाया गया कि कल्याण विभाग ने गलत तरीके से एक करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिया. कल्याण विभाग को ट्राइबल सब प्लान (टीएसपी) मद में एक करोड़ रुपये की राशि दी थी, लेकिन कल्याण विभाग ने इस टीएसपी की राशि माइनॉरिटी सब प्लान (एमएसपी) में ट्रांसफर कर दिया. इसकी शिकायत समिति ने कल्याण विभाग के सचिव से करने की बात कही.