फाटक के पास सिगनल नहीं होने से रुकी ट्रेन.
गालूडीह : गालूडीह पश्चिमी रेलवे क्रॉसिंग के गेटमैन की लापरवाही से शनिवार की दोपहर में बड़ा हादसा हो सकता था. दरअसल गेटमैन विक्रम मंडल सो गया था. इस दौरान डाउन और अप लाइन से मालगाड़ी आ रही थी. गेट खुला होने के कारण रेलवे क्रॉसिंग से वाहन, बाइक-साइकिल सवार और ग्रामीण आर-पार हो रहे थे. ट्रेन आता देख ग्रामीण भागे और गेटमैन को आवाज लगायी. वह पूरी तरह नींद में था. केबिन के अंदर जाकर लोगों ने गेटमैन को उठाया. इसके बाद उसने गेट बंद किया और दोनों तरफ से ट्रेन गुजरी.
दस मिनट तक फाटक के पास खड़ी रही ट्रेन
दरअसल, गेट बंद रहने के कारण सिगनल लाल था. डाउन लाइन पर फाटक के पास दस मिनट तक मालगाड़ी खड़ी रही. वहीं गालूडीह स्टेशन के पास अप लाइन में एक ट्रेन रुकी रही. गेटमैन विक्रम मंडल ने बताया कि उसकी ड्यूटी सुबह दस से शाम छह बजे तक की है. दोपहर में भोजन के बाद झपकी आ गयी. जबतक गेट बंद नहीं करेंगे सिगनल लाल रहेगा. ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकती. गेट खुला रहने से दस मिनट तक दोनों लाइन में ट्रेन रुकी रही. गेट बंद होने पर सिगनल हरा हुआ और ट्रेन आगे बढ़ी. मालगाड़ी के चालक और गार्ड ने इसकी रिपोर्ट गालूडीह स्टेशन पहुंच कर स्टेशन मास्टर से की.
गेट बंद नहीं होने से सिगनल नहीं मिला और ट्रेन फाटक के पास दस मिनट तक रुकी रही
फाटक खुला होने से वाहन और ग्रामीण आर-पार हो रहे थे. ट्रेन देख सभी भागे
गेटमैन को ग्रामीणों ने उठाया तब खुली नींद, गेट बंद करने के बाद गुजरी ट्रेन
