डुमरिया में आदिवासियों के प्रखंड सम्मेलन
डुमरिया : डुमरिया के वन विश्रामागार में आदिवासियों का अंतरजातीय विवाह उपरांत संवैधानिक अधिकारों के हस्तांतरण के विरोध में आदिवासियों का प्रखंड सम्मेलन आदिवासी सुरक्षा परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. सम्मेलन में श्री हांसदा ने कहा कि जमीन के लालच में गैर आदिवासी युवक आदिवासी युवतियों से शादी कर रहे हैं. ऐसा सिर्फ जमीन और संपत्ति के लालच में किया जा रहा है. श्री हांसदा ने कहा कि गैर आदिवासी शादी शुदा हैं फिर भी जमीन की लालच में बहला-फुसला कर आदिवासी लकड़ी से शादी कर रहे हैं. ऐसे कई उदाहरण झारखंड में हैं. उन्होंने कहा कि साहेबगंज और पश्चिम सिंहभूम का जगन्नाथपुर इसका उदाहरण है.
श्री हांसदा ने कहा कि सीएनटी और एसपीटी एक्ट के तहत आदिवासी जमीन को गैर आदिवासी नहीं ले सकते हैं. परंतु झारखंड में हजारों एकड़ जमीन अंतरजातीय विवाह के कारण गैर आदिवासियों के हाथों में चली गयी है. जमीन पाने के लिए अंतरजातीय विवाह एक आसान तरीका हो गया है. इसे रोकना होगा.
सामाजिक आंदोलन का आह्वान: सामाजिक आंदोलन से ही संविधान में संशोधन किया जा सकता है. इससे आदिवासियों का स्वाभिमान, इज्जत और अस्तित्व बचेगा. इसलिए आदिवासियों को दलगत भावना से ऊपर उठ कर यह करना है. सम्मेलन को माझी परगाना के रामचंद्र मुर्मू, सीआर माझी, कान्हुराम माहली, कान्हुराम हांसदा, कान्हुराम टुडू, बारी मुर्मू, सुरेंद्र टुडू, भीम सोरेन, भगत हांसदा, कैलाश मुर्मू आदि ने भी संबोधित किया.
मौके पर गोपाल मुर्मू, पालटन मांडी, दुखू सामद, शुरू टुडू, जासकान मुर्मू, धानू सोरेन, रामसिंह मुर्मू, बालक सोरेन, मोटका मुर्मू, क्षेत्र मोहन हांसदा, विश्वनाथ हांसदा, भुटान टुडू समेत अन्य उपस्थित थे.
