सभी शास्त्रों का मूल भाव है भागवत

घाटशिला में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का दूसरा दिन, बोले राजेंद्र महाराज घाटशिला : घाटशिला के कृष्ण भक्त मारवाड़ी समाज के तत्वावधान में अग्रसेन स्मृति भवन में चल रहे भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को राजेंद्र महाराज ने कहा कि सभी शास्त्रों का मूल भाव भागवत है. वेद, पुराण, उपनिषद में भागवत कथा का […]

घाटशिला में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का दूसरा दिन, बोले राजेंद्र महाराज

घाटशिला : घाटशिला के कृष्ण भक्त मारवाड़ी समाज के तत्वावधान में अग्रसेन स्मृति भवन में चल रहे भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को राजेंद्र महाराज ने कहा कि सभी शास्त्रों का मूल भाव भागवत है. वेद, पुराण, उपनिषद में भागवत कथा का वर्णन है. भागवत अगर सत्य भाव से पढ़ा जाय, तो आदमी को तुरंत इसका फल प्राप्त होता है. ताप से शारीरिक कष्टों की निवृत्ति हो जाती है. पड़ोसी परेशान नहीं कर पाते हैं.
सुकदेव महाराज ने भी भागवत सुनी थी. उन्होंने कहा कि धन कमाओ, मगर धन का कुछ अंश गरीबों में बांटों. राजेंद्र महाराज ने कहा कि इंद्र देव भी आज खुश हैं और पानी बरसा रहे हैं. बिना हरि कृपा होऊ न संत्संगा. पूर्वजों ने भी यह बात कही है कि बिना हरि की कृपा के सत्संग नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि भागवत में 12 संख्या है. 335 अध्याय हैं और 1800 श्लोक हैं. उन्होंने कहा कि भागवत सत्य का रूप है. हम रोज झूठ से ही अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं. सत्य बोलते ही नहीं. उन्होंने कहा कि चाहे वे वृंदावन में श्रीमद् भागवत कथा सुने या घाटशिला में. संकल्प लेकर किया गया काम की पूर्णाहुति अवश्य होती है. जिस जीव में प्रभु का बास होता है. उसे कोई मार नहीं सकता है. इस मौके पर एफसी अग्रवाल, एसएन जैन, सुनील जैन, मातादीन अग्रवाल, आनंद अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल मौजूद थे.

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