बहरागोड़ा : सोमवार को एनएच पर विधायक की ओर से लगाये गये बेरिकेडिंग को पुलिस द्वारा हटाये जाने से झामुमो ने लगभग साढ़े छह घंटा तक एनएच छह और 33 को को जाम रखा. सैकड़ों माल वाहक और यात्री वाहन बरसात के मौसम पर एएनएच पर खड़े रहे और चालक व यात्री परेशान रहे. यात्री वाहनों में महिलाएं और बच्चे भी परेशान रहे. यात्री भोजन और पानी के लिए तरस गये. ऐसे में यह सवाल खड़ा है कि इसके लिए जिम्मेवार कौन है.
साढ़े छह घंटे एनएच जाम के लिए जिम्मेवार कौन?
बहरागोड़ा : सोमवार को एनएच पर विधायक की ओर से लगाये गये बेरिकेडिंग को पुलिस द्वारा हटाये जाने से झामुमो ने लगभग साढ़े छह घंटा तक एनएच छह और 33 को को जाम रखा. सैकड़ों माल वाहक और यात्री वाहन बरसात के मौसम पर एएनएच पर खड़े रहे और चालक व यात्री परेशान रहे. यात्री […]

वैसे तो एक माह से पुलिस और झामुमो नेताओं में बेरिकेडिंग को हटाने और लगाने के लिए खेल जारी था. विधायक के सौजन्य से उक्त बेरिकेडिंग सोमवार को ही नहीं लगाये गये थे.
दो- तीन माह पूर्व एनएच पर स्थित भीड़ भरे चौक-चौराहों पर विधायक के नाम, झामुमो और तीर-धनुष अंकित बेरिकेडिंग लगे थे.
इन बेरिकेडिंग के उदघाटन के मौके पर विधायक या फिर झामुमो नेताओं के साथ संबंधित थाना के थाना प्रभारी या फिर थाना के कोई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे. सब कुछ ठीक-ठाक ही चल रहा था कि अचानक पुलिस को इन बेरिकेडिंग को हटाने की जरूरत पड़ी. पुलिस ने दो बार बेरिकेडिंग का हटाया और झामुमो नेताओं ने फिर लगाया. इधर, बहरागोड़ा पुलिस ने पुलिसया रंग में रंगे कई बेरिकेडिंग करीब एक माह पूर्व ही मंगवा कर रखा था. उन्हें लगाया नहीं गया था. बहरहाल, यहां की जनता यह सवाल कर रही है कि बेरिकेडिंग हटाने को लेकर एनएच को जाम करने की नौबत क्यों आयी?