घाटशिला : पश्चिम बंगाल सीमा पर ट्रेंच खोदकर कॉरीडोर बंद करने के बाद वन विभाग का हाथी भगाओ दस्ता हाथियों को बंगाल में प्रवेश नहीं करने देने के लिए पहरा दे रहा है. इस कारण हाथी झारखंड सीमा से बंगाल सीमा में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं. घाटशिला प्रखंड के कानीमहुली के पास बंगाल सीमा के काकराझोर होते हुए हाथी
चाकुलिया तक विचरण करने पर एक तरह से रोक लगा दी गयी है. घाटशिला सीमा से सटे बंगाल वन विभाग ने एपीसी कमेटी गठित की है. एपीसी कमेटी को वन विभाग ने टार्च लाइट, मोबिल, पटाखे, जूट उपलब्ध कराया है. इस कमेटी में शामिल लोग रात में झारखंड और बंगाल की सीमावर्ती क्षेत्रों में हाथियों पर निगरानी रखते हैं. उन्हें प्रति रात 350 रुपये प्रति व्यक्ति के रूप में राशि दी जाती है. बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र भूलाभेदा के रेंजर अजय दंडपात ने बताया कि बंगाल सरकार हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग ने एपीसी कमेटी बनायी है, ताकि फसल को नुकसान न हो और हाथी गांव में नुकसान नहीं पहुंचाये.
