छात्र रामचंद्र गिरी हत्याकांड. सीआइडी की टीम पहुंची घाटशिला
घाटशिला : घाटशिला के बिक्रमपुर स्थित बेथनी हॉस्टल में 26 जून का रात तीसरी के छात्र रामचंद्र गिरी हत्या मामले में शनिवार को सीआइडी ने जांच शुरू की. दो सदस्यीय फिंंगर प्रिंट्स एक्सपर्ट टीम ने छात्रावास में जांच की. टीम ने जांच रिपोर्ट ग्रामीण एसपी को सौंपी. वहीं मामले में 20 दिन बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है.
तीन पहले हुई थी फॉरेंसिक जांच
ज्ञात हो कि इस मामले में 14 जुलाई को रांची विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक) की चार सदस्यीय टीम ने जांच की थी. टीम पूरी रिपोर्ट लेकर गयी. फॉरेंसिक टीम के जाने के बाद जिला पुलिस ने तीसरे दिन शनिवार को सीआइडी की फिंगर प्रिंटस की टीम से मामले की जांच करायी है. सीआइडी की टीम ने छात्रावास की दूसरी मंजिल पर गयी.
यहां छात्र की ईंट से सिर कुचल कर हत्या कर दी गयी थी. टीम ने छात्र के बेड, छात्रावास के ऊपरी तल्ले के कमरे और छात्रावास की सीढ़ी के पास दीवार पर लगे खून के धब्बे के फिंगर प्रिंटस की जांच की.
दीवार पर लगे खून के धब्बे की फिंगर प्रिंटस समेत अन्य चीजों की हुई जांच
जांच के बाद सीआइडी टीम ने एसपी को दी जानकारी
सीआइडी की टीम ने लगभग चार घंटे तक छात्रावास में रह कर फिंगर प्रिंटस समेत अन्य चीजों की जांच की. टीम ने जांच रिपोर्ट ग्रामीण एसपी मो अर्सी को दी है. छात्रावास की जांच के बाद सीआइडी की टीम थाना पहुंची और ग्रामीण एसपी को सभी मामलों की जानकारी दी. सीआइडी की टीम से बात करने के बाद ग्रामीण एसपी जमशेदपुर के लिए रवाना हो गये.
निजी लैब तकनीशियन को बुलाया गया
सीआइडी की टीम को दीवार पर लगे खून के धब्बे की जांच में कुछ दिक्कत हुई, तो पुलिस से कह कर निजी लैब तकनीशियन को बुलाया. निजी लैब तकनीशियन छात्रावास पहुंचा. उससे टीम और पुलिस ने बात की. लैब तकनीशियन ने बताया कि टीम को फिंगर प्रिंटस की जांच करने वाला कुछ सामान चाहिए था. मगर वह तो लैब तकनीशियन है. वह टीम की कुछ भी मदद नहीं कर सका.
