दो हजार रुपये में नवजात को बेचा

चाकुलिया : चाकुलिया के कमारीगोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक मां ने जन्म के छह घंटे बाद ही नवजात को दो हजार रुपये में बेच दिया. प्रखंड के पोचापानी गांव की चिंतामणि हेंब्रम को पहले से चार संतानें हैं. पांचवीं संतान के पालन-पोषण में परेशानी को लेकर चिंतामणि ने परसुडीह (जमशेदपुर) निवासी राज किशोर तिर्की […]

चाकुलिया : चाकुलिया के कमारीगोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक मां ने जन्म के छह घंटे बाद ही नवजात को दो हजार रुपये में बेच दिया. प्रखंड के पोचापानी गांव की चिंतामणि हेंब्रम को पहले से चार संतानें हैं. पांचवीं संतान के पालन-पोषण में परेशानी को लेकर चिंतामणि ने परसुडीह (जमशेदपुर) निवासी राज किशोर तिर्की और

उनकी पत्नी बेबी कुमारी टोप्पो को दो हजार रुपये में नवजात (पुत्र) को बेच दिया. घटना मंगलवार की शाम करीब पांच बजे की है. आरोप है कि प्रसव गृह में तैनात एएनएम सुप्रभा कटारी, हेमा महतो और सहिया कापरा हेंब्रम की साठगांठ से महिला ने नवजात को बेचा.

मंगलवार की सुबह भरती हुई थी चिंतामणि : सहिया कापरा हेंब्रम ने 12 जुलाई की सुबह आठ बजे चिंतामणि हेंब्रम को प्रसव के लिए सीएचसी में भरती कराया था. एएनएम खेमा महतो ने उसका प्रसव कराया. सुबह 10-11 बजे के बीच चिंतामणि ने पुत्र को जन्म दिया.
दो हजार रुपये में..
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वाहन से पहुंचे राज किशोर तिर्की : जानकारी के अनुसार कि राज किशोर तिर्की अपनी पत्नी बेबी कुमारी टोप्पो के साथ वाहन से शाम चार बजे सीएचसी पहुंचे. उन्होंने चिंतामणि को दो हजार रुपये दिये और नवजात को साथ ले गये. इस दौरान सीएचसी में डॉ संपा मन्ना मरीजों को देख रही थीं. एएनएम सुप्रभा कटारी प्रसव गृह में उपस्थित थी. एएनएम खेमा महतो जा चुकी थी.
चिंतामणि बच्चे को बेचने की इच्छा जाहिर की :
एएनएम सुप्रभा कटारी ने कहा कि यहां पूर्व में पदस्थापित डॉ लक्ष्मी कुमारी ने उससे कहा था कि मेरी एक सहेली नि:संतान है. अगर कोई महिला अपना शिशु बेचे, तो उसे खबर करें. चिंतामणि हेंब्रम ने अपना शिशु बेचने की इच्छा जाहिर की. इसके बाद मैंने डॉ लक्ष्मी कुमारी को दूरभाष पर सूचना दी. डॉ लक्ष्मी कुमारी ने राज किशोर तिर्की और उनकी पत्नी बेबी कुमारी टोप्पो को यहां भेजा. उन्होंने चिंतामणि को दो हजार रुपये दिये और शिशु को ले गये.
मेरी बहन ने शिशु बेचे जाने की सूचना दी थी. चिंतामणि हेंब्रम गरीबी के कारण शिशु का पालन पोषण नहीं कर पाती. शिशु का भविष्य बनाने के लिए उसकी मां की सहमति से उसे अपने घर ले गयी. जरूरत पड़ी तो शिशु को वापस कर देगी. सरकारी प्रक्रिया पूरी कर शिशु को ले जायेगी.
– बेबी कुमारी टोप्पो, बच्चा खरीदने वाली महिला
चाकुलिया सीएचसी का मामला
परसुडीह (जमशेदपुर) निवासी राज किशोर तिर्की और पत्नी बेबी कुमारी टोप्पो ने नवजात को खरीदा

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